अगले हफ्ते कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल? US सुप्रीम कोर्ट से लेकर बजट 2026 तक, ये फैक्टर करेंगे तय

सोना और चांदी की कीमतों में अगले हफ्ते भी मजबूती बने रहने के संकेत हैं. US सुप्रीम कोर्ट में ट्रेड टैरिफ पर सुनवाई, फेड की ब्याज दर नीति और 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट 2026 बुलियन बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. जानें क्या है एक्सपर्ट की राय.

गोल्ड और सिल्वर Image Credit: @Money9live

Gold and Silver Outlook: अगले हफ्ते यानी 26 जनवरी से शुरू होने वाला सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में मजबूती बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है. जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई बड़े घटनाक्रम ऐसे हैं, जो बुलियन बाजार को सपोर्ट दे सकते हैं. इनमें सबसे अहम हैं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रेड टैरिफ से जुड़ी सुनवाई, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर बैठक और भारत का यूनियन बजट 2026. विशेषज्ञों के मुताबिक, बजट 1 फरवरी को पेश होगा और इसमें अगर इंपोर्ट ड्यूटी या टैक्स से जुड़ा कोई बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर घरेलू सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है.

सुरक्षित निवेश की मांग से सपोर्ट में सोना-चांदी

JM Financial Services के कमोडिटी एक्सपर्ट प्रणव मेर के अनुसार, बुलियन कीमतों का पॉजिटिव ट्रेंड बना रह सकता है. उन्होंने कहा कि अगर बीच में हल्की गिरावट आती भी है, तो वह खरीदारी का मौका हो सकती है, क्योंकि निवेशकों की नजर अब फिर से अमेरिका में ट्रंप की ट्रेड टैरिफ पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिक गई है. इसके अलावा निवेशक अमेरिका, भारत और जर्मनी के महंगाई आंकड़ों, चीन के ट्रेड और इन्वेस्टमेंट डेटा और फेड अधिकारियों के बयानों पर भी करीबी नजर रखेंगे.

MCX पर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा गोल्ड-सिल्वर

पिछले हफ्ते MCX पर सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. गोल्ड फ्यूचर्स करीब 13,520 रुपये यानी 9.5 फीसदी चढ़ा और शुक्रवार को पहली बार 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया. चांदी ने तो और भी तेज रफ्तार दिखाई. एक हफ्ते में करीब 46,937 रुपये यानी 16.3 फीसदी की उछाल के साथ चांदी पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई. Angel One के कमोडिटी एनालिस्ट प्रतीमेश मल्ल्या का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सेफ-हेवन डिमांड को बढ़ाया, जिससे सोने-चांदी में जोरदार तेजी आई. अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सख्त कदम और नौसैनिक गतिविधियों ने बाजार में रिस्क प्रीमियम बढ़ाया.

इंटरनेशनल मार्केट में भी ऐतिहासिक उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे. Comex पर सोना पिछले हफ्ते करीब 384 डॉलर चढ़कर 4,991 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया. वहीं चांदी पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर गई और हफ्ते के अंत में 101 डॉलर से ऊपर बंद हुई. Motilal Oswal के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, कीमतों में उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव और मैक्रो इकोनॉमिक संकेतों ने कुल मिलाकर बुलियन को सपोर्ट दिया.

ट्रंप के टैरिफ ऐलान से बढ़ी हलचल

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्रिटेन और कुछ यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी टैरिफ और जून से 25 फीसदी तक बढ़ाने की चेतावनी ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई. इससे सोने-चांदी की सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग तेज हुई. इसके अलावा अमेरिका में सिल्वर कॉइन की सप्लाई को लेकर दिक्कतें और US Mint द्वारा कीमतें बढ़ाना भी चांदी की तेजी का एक बड़ा कारण रहा. हालांकि बाद में ट्रंप के कुछ नरम बयानों और डॉलर में हल्की मजबूती से कीमतों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली.

फेड की नीति और ETF निवेश पर नजर

JM Financial के प्रणव मेर का मानना है कि फेड इस महीने ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा, लेकिन 2026 में कम से कम दो बार कटौती की उम्मीद अभी भी बाजार में बनी हुई है. इसी वजह से ETF निवेशक भी सोने और चांदी में लगातार निवेश बढ़ा रहे हैं. ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 77वें गणतंत्र दिवस के चलते सोमवार को घरेलू कमोडिटी बाजार बंद रहेंगे. MCX पर ट्रेडिंग मंगलवार, 27 जनवरी से दोबारा शुरू होगी.

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