OTT की बढ़ती पकड़ से दबाव में TV इंडस्ट्री, 3 साल में करीब 50 चैनलों ने लौटाया लाइसेंस; बड़े दिग्गज शामिल

डिजिटल और OTT प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता का असर अब पारंपरिक टीवी इंडस्ट्री पर साफ दिखने लगा है. बीते तीन वर्षों में JioStar, Zee, ABP और NDTV समेत करीब 50 टीवी चैनलों ने अपने ब्रॉडकास्टिंग लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं. Crisil के मुताबिक, निजी DTH कंपनियों के सब्सक्राइबर और रेवेन्यू दोनों पर दबाव बना रहेगा.

ओटीटी का बढ़ता क्रेज Image Credit: @AI/Money9live

OTT Craze and Shutting TV Channels: भारत में तेजी से बदलते मीडिया कंजम्पशन पैटर्न का असर अब साफ तौर पर पारंपरिक टेलीविजन इंडस्ट्री पर दिखाई देने लगा है. यूजर्स के डिजिटल और OTT प्लेटफॉर्म्स की ओर शिफ्ट होने के चलते बीते तीन वर्षों में करीब 50 टीवी चैनलों ने अपने ब्रॉडकास्टिंग लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं. यह जानकारी ईटी की एक रिपोर्ट में दी गई है, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आंकड़ों पर आधारित है.

बड़े ब्रॉडकास्टर्स भी पीछे हटे

रिपोर्ट के मुताबिक, JioStar, Zee Entertainment, Eenadu Television, TV Today Network और ABP Network जैसे बड़े नाम भी उन ब्रॉडकास्टर्स में शामिल हैं, जिन्होंने अपने कुछ टीवी चैनलों के लाइसेंस वापस किए हैं. यह कदम टीवी सेक्टर में बढ़ती चुनौतियों और दर्शकों की बदलती पसंद को दर्शाता है.

Sony की पैरेंट कंपनी ने भी किए बदलाव

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि Sony Pictures Networks India की पैरेंट कंपनी Culver Max Entertainment ने मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद 26 डाउनलिंकिंग परमिशन सरेंडर कर दीं. कंपनी ने उन्हीं चैनलों को नए सिरे से अपलिंक और डाउनलिंक करने का फैसला लिया, जिसे इंडस्ट्री विशेषज्ञ ऑपरेशनल रिस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा मान रहे हैं.

रणनीतिक फैसला, मजबूरी नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि चैनलों के लाइसेंस लौटाना किसी अचानक संकट का नतीजा नहीं, बल्कि बदलते बाजार हालात और फाइनेंशियल व्यावहारिकता को देखते हुए लिया गया एक रणनीतिक फैसला है. टीवी विज्ञापन से होने वाली कमाई पर दबाव और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने से कंपनियां अपने पोर्टफोलियो को सिम्प्लिफाई कर रही हैं.

OTT की ओर तेजी से बढ़ रहे दर्शक

खासतौर पर शहरी और संपन्न वर्ग के दर्शक तेजी से OTT प्लेटफॉर्म्स और कनेक्टेड टीवी की ओर शिफ्ट हो रहे हैं. वहीं, देश के प्राइस-सेंसिटिव घरों में DD Free Dish की लोकप्रियता बढ़ रही है, जो निजी DTH कंपनियों के लिए चुनौती बनती जा रही है. Crisil की 11 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय निजी DTH कंपनियों की आमदनी में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा. हालांकि, गिरावट की रफ्तार पहले के 5 फीसदी के मुकाबले घटकर 3 फीसदी से 4 फीसदी रहने का अनुमान है.

रिपोर्ट में क्या बताया गया?

चालू वित्त वर्ष के अंत तक सब्सक्राइबर संख्या 5.1 करोड़ से नीचे जा सकती है. हालांकि, क्रिसिल का कहना है कि कम होती रेवेन्यू गिरावट के चलते FY26 में टीवी सेक्टर का ऑपरेटिंग मार्जिन 44 फीसदी से 45 फीसदी के आसपास स्थिर रह सकता है.

किन चैनलों पर पड़ा असर?

रिपोर्ट के मुताबिक, JioStar ने Colours Odia, MTV Beats, VH1 और Comedy Central के लाइसेंस लौटाए. Zee Entertainment ने Zee Sea चैनल को बंद किया. Enter10 Media ने Dangal HD और Dangal Oriya के लाइसेंस सरेंडर किए और नए चैनल लॉन्च की योजना टाल दी. ABP Network ने ज्यादा लागत और कमजोर कमाई के चलते ABP News HD को बंद किया वहीं, NDTV ने NDTV Gujarati चैनल का लाइसेंस सरेंडर किया.

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