PhonePe का IPO जल्द बाजार में देगा दस्तक, UPI से शेयर बाजार तक धाक जमाने की है तैयारी! जानें कैसे पहुंचा गली-मोहल्ला
डिजिटल पेमेंट की दुनिया में क्रांति लाने वाली PhonePe अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. UPI से शुरुआत कर गली-मोहल्लों तक अपनी पहचान बनाने वाली यह फिनटेक दिग्गज कंपनी जल्द ही IPO लाने की तैयारी में है. करोड़ों यूजर्स और लाखों व्यापारियों के भरोसे पर खड़ी PhonePe अब निवेशकों की कसौटी पर उतरने को तैयार है.
PhonePe IPO: भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी PhonePe अब शेयर बाजार में एंट्री के लिए तैयार है. वॉलमार्ट समूह की यह पहली भारतीय कंपनी होगी, जो पब्लिक इश्यू के जरिए लिस्टिंग की दिशा में कदम बढ़ा रही है. कंपनी अपने IPO के माध्यम से करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है और हाल ही में इसे सेबी से मंजूरी भी मिल चुकी है. ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा. यानी इस IPO से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक और प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचकर आंशिक या पूर्ण रूप से एग्जिट करेंगे. PhonePe ने सितंबर 2025 में कॉन्फिडेंशियल रुट से IPO के लिए आवेदन किया था. अब कंपनी ने अपडेटेड ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल कर प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है. आइए अब जानते हैं कि UPI की शुरुआत से शेयर बाजार तक का सफर कैसा रहा है?
UPI की शुरुआत से शेयर बाजार तक का सफर
पिछले दस सालों में PhonePe ने एक छोटे से UPI स्टार्टअप से भारत के सबसे बड़े फिनटेक प्लेटफॉर्म्स में अपनी जगह बना ली है. आज इसके पास 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और 4.7 करोड़ से ज्यादा दुकानदार इससे जुड़े हुए हैं, जो बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों और गांवों तक फैले हैं.
छोटी जरूरतों से शुरू हुई बड़ी कहानी
PhonePe की सफलता किसी एक बड़े आइडिया से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों को आसान बनाने से शुरू हुई. जब लोगों को मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल या डीटीएच भुगतान करना होता था, तब PhonePe ने इन कामों को बेहद आसान बना दिया. छोटे-छोटे पेमेंट को सरल और तेज बनाकर कंपनी ने लोगों को इस सुविधा का अहसास कराया. धीरे-धीरे यूजर्स को इस प्लेटफॉर्म पर भरोसा हुआ और वे दूसरे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स भी इस्तेमाल करने लगे.
एक ही ऐप में पूरा फाइनेंशियल सिस्टम
आज PhonePe सिर्फ पैसे भेजने या पाने का ऐप नहीं है. UPI पेमेंट के अलावा इसमें मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट, लोन की ईएमआई, FASTag रिचार्ज जैसे कई काम हो जाते हैं. इसके साथ ही कंपनी ने निवेश की दुनिया में भी कदम बढ़ाया. अब यूजर्स डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं, गोल्ड SIP कर सकते हैं और अलग-अलग तरह के म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. इंश्योरेंस के क्षेत्र में भी PhonePe ने मोटर, हेल्थ, लाइफ और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सेवाएं जोड़ दी हैं. इसके अलावा मर्चेंट और पर्सनल लोन, UPI पर क्रेडिट लाइन और म्यूचुअल फंड के बदले लोन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. विदेश यात्रा करने वालों के लिए यूएई, सिंगापुर और श्रीलंका जैसे देशों में इंटरनेशनल UPI पेमेंट की सुविधा भी दी जा रही है.
भारत के लिए बना ऐप
भारत जैसे देश में जहां डिजिटल समझ का स्तर अलग-अलग है, वहां PhonePe का आसान इंटरफेस इसकी सबसे बड़ी ताकत बना. ऐप 11 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे छोटे शहरों और गांवों के लोग भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर पाते हैं. कंपनी की 65 फीसदी से ज्यादा यूजर बेस बड़े महानगरों के बाहर से आती है. यानी PhonePe ने सच में “भारत” के लिए काम किया है, सिर्फ मेट्रो शहरों के लिए नहीं.
दुकानदारों के लिए डिजिटल साथी
PhonePe ने सिर्फ ग्राहकों पर नहीं, बल्कि दुकानदारों पर भी ध्यान दिया. आज 4.7 करोड़ से ज्यादा व्यापारी इससे जुड़े हैं. कंपनी ने SmartSpeaker और SmartPOD जैसे डिवाइस लॉन्च किए, जिनसे छोटे दुकानदार भी एक ही मशीन से UPI और कार्ड पेमेंट ले सकते हैं. इससे छोटे व्यापारियों को भी वही सुविधाएं मिल रही हैं, जो पहले सिर्फ बड़े रिटेल स्टोर्स को मिलती थीं. इसके अलावा बिना कागज के लोन सुविधा, तुरंत पेमेंट सेटलमेंट और आसान हिसाब-किताब जैसी सुविधाओं ने छोटे कारोबारियों की जिंदगी आसान बना दी है.
शेयर बाजार में अब अगला कदम
अब दस साल पूरे होने के बाद PhonePe एक परिपक्व कंपनी के रूप में शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी अब सिर्फ लेन-देन का जरिया नहीं, बल्कि लोगों के पैसों के पूरे सफर- कमाने, खर्च करने, बचाने और निवेश करने का हिस्सा बन चुकी है. PhonePe की कहानी यही दिखाती है कि जब आप छोटे दुकानदार और दूर-दराज के ग्राहक की समस्या हल करते हैं, तो सफलता अपने आप बड़ी हो जाती है. यही असली “डिजिटल इंडिया” की ताकत है.
