ट्रंप टैरिफ की आहट से धड़ाम हुए सोलर शेयर, इन 2 कंपनियों का अमेरिका में बड़ा एक्सपोजर, इस बात का खतरा!
अमेरिका द्वारा भारतीय सोलर इंपोर्ट पर 126% ड्यूटी प्रस्ताव के बाद सोलर शेयरों में गिरावट आई. Waaree Energies, Premier Energies और Vikram Solar 5-15% टूटे. इन कंपनियों का बड़ा एक्सपोर्ट एक्सपोजर अमेरिका से जुड़ा है इसलिए ड्यूटी लागू होने पर ऑर्डर बुक और रेवेन्यू पर असर की आशंका से दबाव बना.
अमेरिका द्वारा भारतीय सोलर इंपोर्ट पर 126% तक की ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव की खबर आने बाद सोलर सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली. बुधवार (25 फरवरी) को Waaree Energies, Premier Energies और Vikram Solar जैसे सोलर शेयर शुरुआती कारोबार में 5% से करीब 15% तक टूट गए. हालांकि बाद में इन शेयरों में हल्की रिकवरी देखने को मिली. दरअसल, इन कंपनियों की आय का एक बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट बिजनेस से आता है और इसमें अमेरिका को किया जाने वाला एक्सपोर्ट एक्सपोजर सबसे अधिक है. अगर प्रस्तावित ड्यूटी लागू हो जाती है तो तो इन कंपनियों का एक्सपोर्ट बिजेनस बुरी तरह प्रभवित हो सकता है. इन्हीं आशंकाओं के चलते सोलर शेयरों पर दबाव देखने को मिला.
क्या है पूरा मामला
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ने भारत से भेजे जाने वाले सोलर पैनलों पर 126% तक की ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है. अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि विदेशी सब्सिडी के चलते भारतीय कंपनियां अमेरिकी उत्पादकों से सस्ते दाम पर पैनल बेच पा रही थीं. इसी वजह से यह कदम उठाया गया है.
किस कंपनी का है कितना एक्सपोर्ट एक्सपोजर
Waaree Energies
Waaree Energies के लिए अमेरिका एक अहम सोलर बाजार है. कंपनी न सिर्फ अमेरिका को निर्यात करती है बल्कि वहां मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी बना रही है और लगातार निवेश बढ़ा रही है. Waaree Energies की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक लगभग 24 गीगावॉट (GW) की है जिसकी अनुमानित वैल्यू करीब 47,000 करोड़ रुपये है. इसके अलावा 100+ गीगावॉट की मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन है. ऑर्डर बुक की बात करें कंपनी को 59.5% ऑर्डर भारत से और 40.5% ऑर्डर ओवरसीज मार्केट से मिले हैं. वहीं, कंपनी को 52.8% रेवेन्यू डोमेस्टिक (रिटेल, EPC और एंटरप्राइज) से जबकि 47.2% ओवरसीज से आता है.

Vikram Solar
Vikram Solar की ऑर्डर बुक का करीब 20% हिस्सा एक्सपोर्ट से जुड़ा है जिसमें अमेरिकी बाजार भी शामिल है. Vikram Solar की एक अलग अमेरिकी इकाई Vikram Solar US Inc है, जो नेवादा (अमेरिका) में रजिस्टर्ड है. यह इकाई मुख्य रूप से सोलर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल और सिस्टम की ट्रेडिंग/सेल से जुड़ी है. कंपनी के मुताबिक, FY2025 (31 मार्च 2025 तक) अमेरिकी इकाई का कुल रेवेन्यू लगभग 8.35 मिलियन डॉलर था.
Premier Energies
Premier Energies का अमेरिकी बाजार में एक्सपोजर सीमित माना जा रहा है इसलिए गिरावट के बाद इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली.
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