पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की बड़ी बैठक! तेल संकट और वैश्विक तनाव के बीच तैयार हो रहा नया आर्थिक रोडमैप
पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे माहौल में भारत सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council) के सदस्यों के साथ अहम बैठक की.
PM-Economic Advisory Council: दुनिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे माहौल में भारत सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council) के सदस्यों के साथ अहम बैठक की.
इस बैठक में पश्चिम एशिया संकट का भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला असर, भविष्य की चुनौतियां और आर्थिक विकास को मजबूत बनाए रखने के उपायों पर चर्चा हुई. बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत की GDP ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही है और देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है. सरकार का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत मजबूत स्थिति में है और आगे भी विकास की रफ्तार बनाए रख सकता है.
PM मोदी ने की आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ बैठक
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों के साथ बैठक की.
- बैठक में देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई सुझावों पर चर्चा हुई.
- सदस्यों ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का भारत और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का भी आकलन पेश किया.
- साथ ही कारोबार को आसान बनाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने वाले सुधारों पर भी विचार किया गया.
पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी चिंता
- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है.
- इसके अलावा समुद्री परिवहन और वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा है.
- इसी वजह से दुनिया के कई देशों की आर्थिक बढ़ोतरी पर दबाव देखने को मिल रहा है.
- भारत सरकार भी इन हालात पर लगातार नजर रख रही है.
PM मोदी ने पहले भी की थीं कई अपील
मई महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से देश की आर्थिक मजबूती में योगदान देने की अपील की थी. उन्होंने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने, कार पूलिंग अपनाने, विदेशी यात्राएं कम करने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने की सलाह दी थी.
GDP ग्रोथ ने बढ़ाया भरोसा
- बैठक के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर भी सामने आई है.
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में देश की GDP 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी.
- पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में GDP ग्रोथ 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
- यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से बेहतर माना जा रहा है.
सेवा और उद्योग क्षेत्र बने विकास की ताकत
आंकड़ों के अनुसार सेवा क्षेत्र और उद्योग क्षेत्र ने आर्थिक विकास में सबसे बड़ा योगदान दिया. वित्त वर्ष 2025-26 में उद्योग क्षेत्र की बढ़ोतरी 8.8 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की वृद्धि 9.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है. वहीं कृषि और मत्स्य क्षेत्र के सहारे प्राथमिक क्षेत्र में 3.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
PM मोदी बोले- भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 7.7 प्रतिशत की GDP ग्रोथ यह दिखाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत है. उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास से देश आगे बढ़ रहा है. साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भारत सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ता रहेगा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा.
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