मजबूत हुआ रुपया, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आई तेजी, डॉलर के मुकाबले 94.65 पर बंद

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार में तेजी के बीच भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत होकर 94.65 पर बंद हुआ. विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी रुपये को सहारा दिया. ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी गिरकर 75.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत होकर 94.65 पर बंद हुआ. Image Credit: Money9live

USD INR: भारतीय रुपये ने बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखाई. रुपया 11 पैसे की बढ़त के साथ 94.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और घरेलू शेयर बाजार में मजबूती से रुपये को सपोर्ट मिला. विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने भी लोकल करेंट को सपोर्ट दिया. जानकारों का मानना है कि तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक घटनाक्रम आगे भी रुपये की चाल को प्रभावित कर सकते हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मिला फायदा

बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 2 फीसदी की गिरावट देखी गई. यह 75.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट से विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होता है. इसका सीधा फायदा रुपये को मिला और वह मजबूत होकर बंद हुआ.

दिनभर के कारोबार में कैसी रही चाल

इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट में रुपया 94.88 के स्तर पर खुला. कारोबार के दौरान यह 94.59 से 94.93 के दायरे में रहा. अंत में रुपया 94.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. इससे पहले मंगलवार को रुपया 13 पैसे कमजोर होकर 94.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

शेयर बाजार की तेजी से मिला सपोर्ट

घरेलू शेयर बाजार में भी बुधवार को अच्छी तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स 790.54 अंक चढ़कर 76,991.22 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 197.55 अंक की तेजी के साथ 24,021.65 के स्तर पर पहुंच गया. शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसका फायदा रुपये को मिला.

FII की खरीदारी बनी सहारा

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को नेट प्रॉफिट से 17.86 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ने से डॉलर की मांग कम होती है और रुपये को मजबूती मिलती है. यही वजह रही कि स्थानीय मुद्रा को अतिरिक्त सपोर्ट मिला.

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डॉलर इंडेक्स में रही मजबूती

हालांकि वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखी गई. छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति बताने वाला डॉलर इंडेक्स 0.23 फीसदी बढ़कर 101.63 पर पहुंच गया. मजबूत डॉलर आमतौर पर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बनाता है, लेकिन इस बार रुपये को अन्य पॉजिटिव फैक्टर का लाभ मिला.