सम्मान कैपिटल के खिलाफ जांच में सेबी की नरमी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI से कहा दर्ज करें FIR

Sammaan Capital जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने SEBI की ‘नरमी’ और एजेंसियों के फ्रेंडली अप्रोच पर सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज करने का आदेश दिया, जिससे ED को मनी लॉन्ड्रिंग जांच में मदद मिलेगी. इस टिप्पणी के बाद Sammaan Capital का शेयर 9% गिर गया. अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी.

सुप्रीम कोर्ट Image Credit: Pradeep Gaur/SOPA Images/LightRocket via Getty Images

Sammaan Capital की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीखी टिप्पणी की, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में करीब 9% की तेज गिरावट दर्ज हुई. कोर्ट ने CBI, MCA और SEBI पर ‘फ्रेंडली अप्रोच’ अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद एजेंसियां सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहीं. बेंच ने साफ कहा कि SEBI की हिचकिचाहट और दोहरे रवैए (double standards) से जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं.

कार्रवाई में देरी पर नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सम्मान कैपिटल से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और निवेशक हितों के मुद्दों पर SEBI को तुरंत और प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कोर्ट ने SEBI को पूरी तरह जांच का अधिकार देते हुए पूछा कि आखिर किन वजहों से मार्केट रेगुलेटर ने अब तक कार्रवाई में देरी की.

CBI को FIR दर्ज करने का निर्देश

जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए CBI को निर्देश दिया कि वह इस मामले में FIR दर्ज करे, ताकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच आगे बढ़ाने में मजबूती मिले. कोर्ट ने यह भी पूछा कि इतनी गंभीर शिकायतों के बावजूद अब तक FIR क्यों नहीं हुई. ED की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि CBI, SEBI और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के साथ दो सप्ताह के भीतर एक संयुक्त बैठक होगी, ताकि जांच के सभी पहलुओं पर तालमेल बनाया जा सके. ED ने यह भी बताया कि दिल्ली और मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EoW) में की गई शिकायतों को अभी तक संज्ञान नहीं मिला, जिससे जांच की गति प्रभावित हुई.

17 दिसंबर को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने सभी एजेंसियों CBI, ED, SEBI और SFIO से 17 दिसंबर तक स्पष्ट अपडेट देने को कहा है. इसमें FIR पर स्थिति, जांच की प्रगति और आपसी तालमेल पर रिपोर्ट शामिल होगी. कोर्ट के रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में सम्मान कैपिटल केस पर न्यायिक निगरानी और कड़ी होने वाली है.

9% टूटा स्टॉक

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों का सीधा असर बाजार में दिखा और शेयर 8.9% फिसलकर 166.25 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया. यह अपने 52 वीक हाई 192.90 से अब 14% नीचे आ गया है. हालांकि, स्टॉक अब भी अप्रैल 2025 के 52 वीक लो 97.80 रुपये से 70% ऊपर ट्रेड कर रहा है. वहीं, रिटर्न की बात करें, तो पिछले 1 साल में 26%, 6 महीने में 35% और 3 महीने में 38% का पॉजिटिव रिटर्न स्टॉक दे चुका है.

जांच तेज होने से बढ़ी अनिश्चितता

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों और तेजी से आगे बढ़ने वाले निर्देशों से Sammaan Capital पर नियामकीय दबाव बढ़ेगा. यह शॉर्ट टर्म में स्टॉक में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है, जबकि लंबी अवधि का रुख इस बात पर निर्भर करेगा कि जांच का अंतिम परिणाम क्या निकलता है.

सम्मान कैपिटल ने क्या कहा?

इस मामले में सम्मान कैपिटल की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि सम्मान कैपिटल एक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी है, जिसका कोई डिफॉल्ट नहीं है, कोई बकाया नहीं है और सेबी, आरबीआई, एमसीए या सीबीआई सहित किसी भी नियामक या प्रवर्तन एजेंसी के समक्ष कोई जांच या कार्यवाही लंबित नहीं है. यह स्थिति पहले उच्च न्यायालय के समक्ष भी रखी गई थी, जहां सभी नियामकों ने पहले ही क्लीन चिट दे दी थी.

पूर्व प्रमोटर्स के खिलाफ मामला

रोहतगी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में जिस मामले की सुनवाई चल रही है, असल में वह कंपनी के पूर्व प्रमोटर समीर गहलोत से जुड़ा है. फिलहाल, समीर की कंपनी में कोई शेयर होल्डिंग या भागीदारी नहीं है.

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