खत्म हो गया चांदी का खेल! आज आई भारी गिरावट के बाद क्या है एक्सपर्ट की राय, जानें- तुरंत बेचें या होल्ड करें
Sliver Price Outlook: . MCX पर सोने और चांदी के फ्यूचर भाव 4 फीसदी की गिरावट के साथ खुलने के बाद 15 फीसदी तक टूट गए. अक्सर कहा ही जाता है कि जब बाजार गिरता है तो कमोडिटीज बाजार संभाल लेती हैं. लेकिन आज ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला.
Sliver Price Outlook: शुक्रवार दोपहर के सेशन में कीमती धातुओं में तेज गिरावट और बढ़ गई. MCX पर सोने और चांदी के फ्यूचर भाव दिन की शुरुआत में 4 फीसदी की गिरावट से साथ खुले और 15 फीसदी तक टूट गए. शुक्रवार दोपहर के सेशन में कीमती मेटल में तेज गिरावट और बढ़ गई. MCX पर सोने और चांदी के फ्यूचर भाव 4 फीसदी की गिरावट के साथ खुलने के बाद 15 फीसदी तक टूट गए. अक्सर कहा ही जाता है कि जब बाजार गिरता है तो कमोडिटीज बाजार संभाल लेती हैं. लेकिन अब क्या चांदी और सोने में और भी गिरावट देखने को मिलेगी.
टूटकर बिखरा चांदी का भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी का भाव शुक्रवार, 30 जनवरी को करीब 16 फीसदी तक टूट गया. गुरुवार, 29 जनवरी को जहां चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर थी, वहीं एक दिन बाद यानी शुक्रवार को इसमें लगभग 62,900 रुपये प्रति किलो की गिरावट आ गई. मार्च डिलीवरी वाला सोना भी तकरीबन 8 फीसदी यानी 14,660 रुपये टूटकर 1,65,472 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है.
बेचें या होल्ड करें?
लक्ष्मीश्री सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च अंशुल जैन ने कहा, ‘मूविंग एवरेज से इतना गैप हो चुका था कि ये चीज तो आनी ही थी. सुबह से लोगों को समझा रहा हूं कि मूविंग एवरेज से बहुत ज्यादा एयर हो चुकी है. इसलिए गोल्ड और सिल्वर से बाहर निकल जाइए. अगर अभी निकलेंगे, तो बाद फिर पछताएंगे. उन्होंने कहा कि कॉमेक्स पर सिल्वर का 20 डे मूविंग एवरेज 94 पर है, तो चांदी इस लेवल तक आ सकती है.
क्या लंबी चलेगी गिरावट?
उन्होंने कहा कि सोने चांदी का खेल खत्म. साल दो साल के लिए चांदी का भाव अब नीचे ही नजर आ सकता है. चांदी और सोना जब-जब टॉप-आउट हुआ है, तो 7-8 साल या कम से कम पांच साल का एवरेज करेक्टिव ट्रेंड रहा है. चाहे 1981 रहा हो या फिर 2011 रहा हो. मौजूदा दौर भी कुछ ऐसा ही है. अगर अभी नहीं निकले, तो आने वाले समय में गोल्ड-सिल्वर में परेशान रहेंगे.
कॉमेक्स पर चांदी शुक्रवार को 11.96 फीसदी गिरकर 100 डॉलर के करीब आ गई.
चारों तरफ गिरावट
ग्लोबली, मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में सोने और चांदी की कीमतें नीचे रहीं. गिरावट के बावजूद, लगातार वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच इस मेटल की सेफ-हेवन डिमांड बढ़ने के कारण सोने की कीमतें 1980 के बाद से सबसे बड़ी मंथली बढ़त की ओर बढ़ रही थीं.
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