फार्मा कंपनियों पर Trump की सख्ती! ब्रांडेड दवाओं पर 100% टैरिफ का ऐलान, कंपनियों के सामने रखीं ये खास शर्तें

अमेरिका में दवाओं की कीमतों को कंट्रोल करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. सरकार ने ब्रांडेड दवाओं के आयात पर 100% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. हालांकि, कंपनियों को राहत के लिए कुछ शर्तें भी दी गई हैं, जिन्हें पूरा करने पर टैक्स में छूट मिल सकती है.

100% tariff on Pharma Companies Image Credit: Canva/ Money9

Trump Plans to Impose 100% tariff on Pharma Companies: अमेरिका में दवाओं की कीमतें कम करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए Donald Trump प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने साफ संकेत दिया है कि जो फार्मा कंपनियां अमेरिका में दवा निर्माण नहीं करेंगी या सरकारी दाम तय करने वाले समझौतों में शामिल नहीं होंगी, उन पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता है. ध्यान रहे कि ये टैरिफ ब्रांडेड दवाओं पर लगाने का प्लान है. इस फैसले का असर दुनियाभर की दवा कंपनियों पर पड़ सकता है, खासकर उन पर जो अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं.

कंपनियों के लिए समयसीमा और शर्तें

सरकार ने बड़ी दवा कंपनियों को 120 दिन और छोटी कंपनियों को 180 दिन का समय दिया है. इस दौरान उन्हें यह तय करना होगा कि वे अमेरिका में उत्पादन शुरू करेंगी या सरकार के साथ दवा कीमतों को लेकर समझौता करेंगी. अगर कंपनियां अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करती हैं, तो उन्हें राहत देते हुए टैरिफ घटाकर 20% किया जा सकता है.

डील करने वालों को राहत, दूसरों पर सख्ती

जो कंपनियां “मोस्ट-फेवर्ड-नेशन” प्राइसिंग एग्रीमेंट साइन कर लेंगी और अमेरिका में उत्पादन करेंगी, उन्हें टैरिफ से पूरी छूट मिल सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक Pfizer और Eli Lilly जैसी कई बड़ी कंपनियां पहले ही ऐसे समझौते कर चुकी हैं, जिससे उन्हें तीन साल तक टैरिफ से राहत मिलेगी. हालांकि कई कंपनियां अभी भी इस नीति से बाहर हैं.

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जनरिक दवाओं को छूट

सरकार ने साफ किया है कि जनरिक (सस्ती) दवाओं पर यह टैरिफ लागू नहीं होगा. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में बिकने वाली 90% से ज्यादा दवाएं जनरिक हैं, इसलिए आम मरीजों पर सीधा असर सीमित रह सकता है. इस नीति का मुख्य मकसद अमेरिकी मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है, क्योंकि अमेरिका में दवाओं की कीमतें अन्य विकसित देशों की तुलना में काफी ज्यादा हैं. यह कदम वैश्विक फार्मा इंडस्ट्री के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है और आने वाले समय में कंपनियों की रणनीति पर इसका गहरा असर दिख सकता है. इसी खबर के बाद गुरुवार को शेयर बाजार में फार्मा स्टॉक 4 फीसदी तक टूटे थे. शुक्रवार को बाजार बंद होने की वजह से इस सेक्टर को राहत मिलेगी.

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