IPL खत्म, अब बिजनेस पर करो फोकस! गूगल से कुछ सीखो, जानें उदय कोटक ने कंपनियों को क्यों दी नसीहत
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट द्वारा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 80 अरब डॉलर जुटाने की योजना के बाद उदय कोटक ने भारतीय कंपनियों को बड़ा संदेश दिया है. कोटक ने कहा कि गूगल का मार्केट कैप और मुनाफा भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों के संयुक्त स्तर के करीब है, जो भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए एक महत्वपूर्ण वेक-अप कॉल है.
Uday Kotak: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां जिस रफ्तार से निवेश बढ़ा रही हैं, उसने भारत के कॉरपोरेट जगत के सामने भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इसी बीच कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने भारतीय कंपनियों को भविष्य की टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है और भारतीय कंपनियों को भी भविष्य के लिए तैयार रहना होगा.
गूगल की ताकत का दिया उदाहरण
उदय कोटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए गूगल और भारत की लिस्टेड कंपनियों के बीच तुलना की. उन्होंने बताया कि गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 80 अरब डॉलर जुटाने की योजना की घोषणा की है.
कोटक ने कहा कि गूगल पहले से ही कैश सरप्लस कंपनी है, लेकिन इसके बावजूद वह भविष्य की टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटा रही है. उनके मुताबिक, गूगल का वार्षिक लाभ करीब 160 अरब डॉलर है, जबकि केवल पिछली तिमाही में ही कंपनी ने 62 अरब डॉलर का लाभ कमाया. वहीं, कंपनी का मार्केट कैप करीब 4.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है.
भारतीय कंपनियों के लिए ‘वेक-अप कॉल’
उदय कोटक का मानना है कि यह स्थिति भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ा संदेश है. उन्होंने कहा कि गूगल का मार्केट कैप और लाभ भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप और कुल लाभ के करीब पहुंचता है. ऐसे में भारतीय कंपनियों को भविष्य के लिए निवेश करने की जरूरत है, चाहे मौजूदा परिस्थितियां कैसी भी हों.
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अब समय आ गया है कि भारत का कॉरपोरेट क्षेत्र लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान दे और नई टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा इनोवेशन में निवेश बढ़ाए. साथ ही उन्होंने कहा कि अब जब आईपीएल समाप्त हो चुका है, तो भारत के लिए अपने बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करने का समय है.
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर अल्फाबेट का बड़ा दांव
अल्फाबेट ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए बहुस्तरीय फंड जुटाने की योजना बनाई है. कंपनी 30 अरब डॉलर के पब्लिक ऑफर के जरिए पूंजी जुटाएगी. इसके अलावा 40 अरब डॉलर तक का एट-द-मार्केट इक्विटी प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा. साथ ही, बर्कशायर हैथवे को 10 अरब डॉलर के शेयर प्राइवेट प्लेसमेंट के माध्यम से बेचे जाएंगे. कंपनी का कहना है कि इस राशि का उपयोग विश्वस्तरीय एआई कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने, डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने और बढ़ती क्लाउड कंप्यूटिंग मांग को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
एआई पर बढ़ रही वैश्विक होड़
पिछले दो वर्षों में माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, मेटा और अल्फाबेट जैसी कंपनियों ने एआई से जुड़ी परियोजनाओं पर अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर में भारी बढ़ोतरी की है. डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एआई मॉडल डेवलपमेंट और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च किए जा रहे हैं.
गूगल भी अपने जेमिनी एआई प्लेटफॉर्म को मजबूत बनाने के साथ-साथ कस्टम एआई चिप्स और डेटा सेंटर नेटवर्क पर लगातार निवेश कर रही है. यही वजह है कि कंपनी आने वाले वर्षों में एआई क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखना चाहती है.
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