AI कूलिंग स्टॉक नया सितारा, KRN बनाम Aeroflex में कौन बनेगा सिकंदर, जानें इनके फाइनेंशियल, ग्रोथ प्लान और शेयर रिटर्न
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते इस्तेमाल से डेटा सेंटर कूलिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है. इस उभरते अवसर का लाभ उठाने के लिए केआरएन हीट एक्सचेंजर और एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रही हैं. जहां केआरएन का फोकस बड़े कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और एचवीएसी सॉल्यूशंस पर है, वहीं एयरोफ्लेक्स लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है.
Data Center Stocks: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग ने डेटा सेंटर इंडस्ट्री को नई दिशा दे दी है. डेटा सेंटर अब केवल सर्वर रखने की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस ऐसे केंद्र बन चुके हैं, जहां ज्यादा गर्मी पैदा करने वाले एआई वर्कलोड्स को संभालने के लिए बेहतर कूलिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है. यही वजह है कि डेटा सेंटर कूलिंग से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के रडार पर तेजी से उभर रही हैं. इस क्षेत्र में केआरएन हीट एक्सचेंजर एंड रेफ्रिजरेशन और एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज दो ऐसे नाम हैं, जो अलग-अलग रणनीतियों के साथ इस बड़े अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं.
केआरएन का फोकस पारंपरिक और बड़े कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर
केआरएन हीट एक्सचेंजर एंड रेफ्रिजरेशन का कारोबार हीट एक्सचेंजर, कूलिंग कॉयल, ड्राई कूलर, चिलर और एचवीएसी सिस्टम जैसे प्रोडक्ट्स पर आधारित है. कंपनी के प्रोडक्ट डेटा सेंटर, रेफ्रिजरेशन, ऑटोमोबाइल, रेलवे और इंडस्ट्रियल कूलिंग जैसे कई क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं. डेटा सेंटर क्षेत्र में कंपनी का मुख्य फोकस फिलहाल बाहरी कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर है. कंपनी का मानना है कि भले ही एआई डेटा सेंटर के भीतर लिक्विड कूलिंग का उपयोग बढ़े, लेकिन बाहरी हिस्से में चिलर, ड्राई कूलर और हीट एक्सचेंजर की जरूरत बनी रहेगी.
कंपनी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए माइक्रोचैनल हीट एक्सचेंजर और प्लेट हीट एक्सचेंजर जैसे नए प्रोडक्ट्स पर भी काम कर रही है. इससे संकेत मिलता है कि केआरएन केवल मौजूदा अवसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि उभरती तकनीकों के लिए भी खुद को तैयार कर रही है.
वित्तीय प्रदर्शन ने बढ़ाया भरोसा
वित्त वर्ष 2026 में केआरएन का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा. ट्रेडब्रेन्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की कुल आय 38.06 फीसदी बढ़कर 609.81 करोड़ रुपये पहुंच गई. वहीं, EBITDA 59.52 फीसदी बढ़कर 112.48 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 44.62 फीसदी बढ़कर 76.47 करोड़ रुपये हो गया.
मार्च तिमाही में भी कंपनी ने मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि डेटा सेंटर और इंडस्ट्रियल कूलिंग की मांग का कंपनी को सीधा लाभ मिल रहा है. कंपनी की एक और बड़ी ताकत इसकी नई प्रोडक्शन यूनिट है. मैनेजमेंट के अनुसार, नई फैक्ट्री की संभावित रेवेन्यू क्षमता 1,800 करोड़ रुपये से 2,400 करोड़ रुपये के बीच है, जो मौजूदा क्षमता से कई गुना अधिक है.
कैसा है शेयर का हाल
केआरएन हीट एक्सचेंजर एंड रेफ्रिजरेशन का शेयर बुधवार को इंट्रा-डे कारोबार के दौरान 5 फीसदी बढ़कर 1159.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. पिछले एक सप्ताह में शेयर में 6.31 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
एयरोफ्लेक्स का दांव लिक्विड कूलिंग पर
दूसरी ओर, एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज की रणनीति पूरी तरह अलग है. कंपनी फ्लेक्सिबल फ्लो सॉल्यूशंस, होज, फिटिंग्स, बेलोज और लिक्विड कूलिंग स्किड असेंबली जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है. डेटा सेंटर इंडस्ट्री में कंपनी का फोकस सीधे लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी पर है, जिसे एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 617 स्किड असेंबली बेचकर लगभग 21.2 करोड़ रुपये का कारोबार किया. केवल चौथी तिमाही में ही 571 स्किड असेंबली की बिक्री हुई. कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता 2,000 यूनिट प्रति वर्ष से बढ़ाकर 6,000 यूनिट प्रति वर्ष कर दी है और इसे 15,000 यूनिट प्रति वर्ष तक ले जाने की योजना बना रही है.
कैसा है शेयर का हाल
एयरोफ्लेक्स का शेयर इंट्रा-डे कारोबार के दौरान 0.67 फीसदी बढ़कर 422.60 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. पिछले एक सप्ताह में इसमें 4.73 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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