US Fed ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, 3 नीति-निर्माताओं ने दरें बढ़ाने के पक्ष में असहमति जताई; जानें- मीटिंग की बड़ी बातें

इस फैसले को 9-3 के वोट से मंजूरी मिली. बेथ हैमैक, नील काशकारी और लोरी लोगन ने असहमति जताई और वे 25-बेसिस-पॉइंट की दर बढ़ोतरी के पक्ष में थे.

यू.एस. फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श. Image Credit: US Federal Reserve

Highlights

  • लगातार पांचवीं बैठक में ब्याज दर में बदलाव नहीं.
  • इस फैसले को 9-3 के वोट से मंजूरी मिली.
  • 2 फीसदी के लक्ष्य के ऊपर बनी हुई है महंगाई.

फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5% से 3.75% पर ही बरकरार रखा है. नीति निर्माताओं ने लगातार पांचवीं बैठक में भी दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला किया, क्योंकि वे एक तरफ लगातार बनी हुई महंगाई और दूसरी तरफ मजबूत बनी हुई अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे थे.

9-3 के वोट से मंजूरी

इस फैसले को 9-3 के वोट से मंजूरी मिली. बेथ हैमैक, नील काशकारी और लोरी लोगन ने असहमति जताई और वे 25-बेसिस-पॉइंट की दर बढ़ोतरी के पक्ष में थे. अपने नीतिगत बयान में फेड ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से पैदा हुई अनिश्चितता के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रफ्तार से बढ़ रही है.

आगे बताया कि इस दौरान उत्पादकता में अच्छी बढ़ोतरी, जबरदस्त पूंजी निवेश और मजबूत लेबर मार्केट भी दिखा. नौकरियों में बढ़ोतरी वर्कफोर्स में वृद्धि के साथ तालमेल बिठाए हुए है और बेरोजगारी दर स्थिर बनी हुई है.

लक्ष्य से ऊपर महंगाई

सेंट्रल बैंक ने माना कि महंगाई उसके 2 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिसकी मुख्य वजह सप्लाई में आई रुकावटें हैं, जिनसे कीमतें बढ़ी हैं, खासकर एनर्जी के क्षेत्र में. कीमतों में स्थिरता लाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए फेड ने फिर कहा कि समिति कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करेगी.

जारी है महंगाई के खिलाफ लड़ाई

मीटिंग के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने पॉलिसी बनाने के एक अलग तरीके के बारे में बताया. उन्होंने अनुमानों के बजाय तथ्यों पर जोर दिया, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के अंदर बहस को बढ़ावा दिया और यह साफ किया कि महंगाई के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है.

अब कोई ‘फॉरवर्ड गाइडेंस’ नहीं

वॉर्श ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत फ़ेड के पॉलिसी स्टेटमेंट से ‘फ़ॉरवर्ड गाइडेंस’ (भविष्य के बारे में संकेत) को हटाने के अपने फ़ैसले का बचाव करते हुए की. पॉलिसी स्टेटमेंट में सिर्फ तथ्य बताए जाते हैं. इसमें भविष्य के अनुमान लगाने से बचा जाता है, और ऐसे अनिश्चित समय में हम इसे एक समझदारी भरा फैसला मानते हैं. उन्होंने कहा कि अनिश्चितता को फैसला न ले पाने की स्थिति नहीं समझना चाहिए. हालांकि, अनिश्चितता का मतलब स्पष्टता की कमी नहीं है.

फेड अपने 2% महंगाई के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध

वॉर्श ने बार-बार जोर देकर कहा कि फ़ेड अपने महंगाई के लक्ष्य में कोई ढील नहीं दे रहा है. उन्होंने कहा कि मैं फिर से दोहराता हूं कि महंगाई का कोई ‘सॉफ्ट’ (नरम) लक्ष्य नहीं है. कोई ‘सॉफ्ट’ छिपा हुआ लक्ष्य भी नहीं है. सिर्फ एक लक्ष्य है और वह है 2%. हमने एक नया अध्याय शुरू किया है. यह फ़ेड अपने रास्ते से नहीं भटकेगा. उन्होंने माना कि महंगाई पांच साल से अधिक समय से लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, लेकिन कहा कि कीमतों में स्थिरता लाने में समय और लगातार कोशिशों की ज़रूरत होगी.

अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूती दिखा रही है

महंगाई ज्यादा होने के बावजूद, वॉर्श ने अर्थव्यवस्था के बारे में काफ़ी उम्मीद भरी बात कही. उन्होंने कहा कि आपने यह पहले भी सुना होगा, लेकिन हम कीमतों में स्थिरता लाएंगे. उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को जबरदस्त मजबूती दिखाने वाली बताया, जो फेड के इस आकलन से मेल खाता है कि ग्रोथ, निवेश और रोजगार मजबूत बने हुए हैं.

दरों को स्थिर रखना कोई ‘विराम’ (pause) नहीं

वॉर्श ने उन सुझावों को खारिज कर दिया कि दरों को न बदलने का मतलब सख्ती के दौर में कोई ‘विराम’ है. उन्होंने कहा कि मैं हमारे किए गए काम को ‘विराम’ जैसा कुछ नहीं कहूंगा. मैं इसे आर्थिक स्थिति की बारीकी से समीक्षा कहूंगा. उन्होंने कहा कि मैं इसे बड़े और मुश्किल सवालों की समीक्षा कहूंगा. हालिया फैसला एक कहानी की शुरुआत थी, अंत नहीं.

महंगाई के झटके फेड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं. वॉर्श ने कहा कि पॉलिसी बनाने वाले बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं कि सप्लाई के झटकों का पूरी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है. हम इन झटकों को गंभीरता से लेते हैं. हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं… कि इन झटकों का असर किस हद तक फैल रहा है. उन्होंने कहा कि बार-बार लगने वाले झटके इस काम और इस पॉलिसी की स्थिति को थोड़ा और मुश्किल बना देते हैं.

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