LPG गैस सिलेंडर पर कितना लगता है GST? जानिए घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर पर कितना टैक्स
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण LPG सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार ने कई कदम उठाए हैं. गैस की कमी को रोकने के लिए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है और रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा गया है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब एनर्जी सप्लाई पर भी पड़ने लगा है. इससे दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. भारत में भी इसका सीधा असर दिख रहा है और तेल कंपनियों ने LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं. नई बढ़ोतरी के बाद घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा हुआ है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 114.5 रुपये महंगा हो गया है. दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलेंडर अब करीब 913 रुपये में मिल रहा है. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर LPG सिलेंडर पर कितना जीएसटी लगाया जाता है.
LPG सिलेंडर पर GST कितना?
22 सितंबर से देश में नया जीएसटी सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें चार टैक्स स्लैब की जगह अब केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रखे गए हैं. इसी के अनुसार LPG सिलेंडरों पर भी टैक्स लगाया जाता है. घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू LPG सिलेंडर पर फिलहाल 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है. वहीं होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों जैसे व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाता है. यही कारण है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत घरेलू सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा होती है.
LPG गैस सिलेंडर के टाइप
LPG गैस सिलेंडर भी अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई प्रकार के होते हैं. आमतौर पर घरों में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल किया जाता है. छोटे परिवारों या सिंगल उपयोग के लिए 5 किलोग्राम का मिनी सिलेंडर भी उपलब्ध होता है. होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल किया जाता है, जबकि औद्योगिक जरूरतों के लिए 45.7 किलोग्राम के बड़े इंडस्ट्रियल सिलेंडर भी होते हैं. इसके अलावा फाइबर या कंपोजिट सिलेंडर भी बाजार में उपलब्ध हैं, जो 5 और 10 किलोग्राम के होते हैं और इनमें गैस का लेवल बाहर से देखा जा सकता है.
गैस की कमी के बीच सरकार ने उठाए बड़े कदम
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण LPG सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार ने कई कदम उठाए हैं. गैस की कमी को रोकने के लिए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है और रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा गया है. सरकार ने कुछ सेक्टरों के लिए 100 प्रतिशत गैस सप्लाई जारी रखने का निर्देश दिया है.
गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम भी सख्त
इसके अलावा, गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर भी नियम सख्त कर दिए गए हैं. घरेलू LPG सिलेंडर लेने के बाद अब अगली बुकिंग 25 दिन के बाद ही की जा सकेगी. सरकार का कहना है कि यह कदम जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि बाजार में किसी तरह की अफवाह या कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा न हो. माना जा रहा है कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सामान्य होंगे, LPG सप्लाई और कीमतों में भी स्थिरता देखने को मिल सकती है.
