गुरुग्राम का छोरा है ACME ग्रुप का मालिक, जो दे रहा वारी एनर्जी को टक्‍कर, ऐसे बनाएं 25000 करोड़

ACME Solar Holdings IPO 6 नवंबर को बोली के लिए खुल चुका है, निवेशक इसमें अच्‍छी दिचस्‍पी दिखा रहे हैं. आखिर ग्रुप को इस बुलंदियों पर पहुंचाने में किसका हाथ है, इसका मालिक कौन है आज हम आपको इसी बारे में बताएंगे.

कौन है ACME ग्रुप का मालिक? Image Credit: money9

देश की प्रमुख रिन्‍युएबल एनर्जी कंपनी ACME Solar Holdings का IPO बुधवार यानी 6 नवंबर को बोली के लिए खुल चुका है. गुरुग्राम स्थित इस कंपनी के आईपीओ में निवेशक काफी दिलचस्‍पी दिखा रहे हैं. एंकर इंवेस्‍टर्स के जरिए अभी तक इस आईपीओ ने करीब 1,300.50 करोड़ रुपये जुटा लिए है. कंपनी के फ्यूचर प्‍लान्‍स को देखते हुए जानकार इसे दमदार मान रहे हैं, लेकिन कंपनी को इस बुलंदियों तक पहुंचाने वाला शख्‍स कौन है, क्‍या आपको पता है. आज हम आपको ACME ग्रुप का मालिक कौन है और कैसे उन्‍होंने कंपनी को आगे बढ़ाने में मदद की इस बारे में बताएंगे.

कौन है ACME ग्रुप का मालिक?

मनोज कुमार उपाध्याय ACME ग्रुप के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और प्रमोटरों में से एक हैं. वह ACME समूह के संस्थापक हैं. उनके नाम कई ऐसी उपलब्धियां हैं जिनके चलते लोग उनकी स्किल्‍स का लोहा मानते हैं. उन्‍होंने पावर इंटरफेस यूनिट (पीआईयू), ग्रीन शेल्टर, पीसीएम जैसी कारगर चीजों की शुरुआत करके एनर्जी क्षेत्र में क्रांति ला दी है. उन्हें बिजली, दूरसंचार, ऊर्जा प्रबंधन और भंडारण क्षेत्रों में अनुभव है. उन्‍होंने अपने इस अनुभव का उपयोग कंपनी को शिखर पर पहुंचाने में किया. इनोवेशन के प्रति उनके जुनून के चलते ही वह ACME ग्रुप को भारत और अफ्रीका की प्रमुख एनर्जी सॉल्‍यूशन प्रोवाइडर के तौर स्‍थापित करने में कामयाबी हासिल की है. वैसे तो सोलर इंडस्‍ट्री में वारी एनर्जी समेत कई प्रमुख कंपनियां रेस में है, लेकिन मनोज अपनी दमदार स्‍ट्रैटेजी से ऐसी दिग्‍गज कंपनियों को कड़ी टक्‍कर दे रहे हैं.

कैसे खड़ी की करोड़ों की कंपनी?

मनोज कुमार उपाध्याय ने साल 2003 में ACME ग्रुप की नींव रखी थी. वह एक इनोवेटर और उद्यमी हैं. उन्‍होंने अपने गहन रिसर्च और दूर के नजरिये से डिस्‍रप्टिव टेक्‍नोलॉजी सॉल्‍यूशन पेश किया था. शुरुआती दौर में इन सॉन्‍यूशन्‍स का इस्‍तेमाल दूरसंचार उद्योग के लिए ऊर्जा उपयोग को कम करने में किया जाता था, बाद में इसे सोलर सेक्‍टर में उपयोग में लाया गया. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मनोज कुमार ने महज 20 लाख रुपये से ACME की शुरुआत की थी, जो आज बढ़कर 3.06 बिलियन डॉलर यानी लगभग 25000 करोड़ की कंपनी बना दी.

मिल चुके हैं ये अवार्ड

मनोज कुमार उपाध्‍याय को उनके शानदार काम और बेहतरीन इनोवेशन के लिए उन्‍हें कई सम्‍मान से भी नवाजा गया है. उन्हें 2007 में अर्न्स्ट एंड यंग की ओर से एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड (स्टार्ट-अप), 2015 में बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड और 2022 में eqmagpro.com की ओर से अक्षय ऊर्जा क्षेत्र (निजी) में टॉप और सबसे पावरफुल लोगों में से एक का खिताब दिया था.

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