3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा 2026: 57 दिन चलेगा सफर, इस बार ज्यादा समय और बेहतर इंतजाम

अमरनाथ यात्रा 2026 इस बार 57 दिनों तक चलेगी, जिसकी शुरुआत 3 जुलाई से होगी. रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होंगे, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं. यात्रा के लिए सख्त स्वास्थ्य नियम लागू किए गए हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए RFID ट्रैकिंग सिस्टम भी जोड़ा गया है.

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन आज यानी 15 मार्च से शुरू हो गया है. Image Credit: TV9 Bharatvarsh

Amarnath Yatra 2026: आस्था, धैर्य और विश्वास की सबसे बड़ी परीक्षा मानी जाने वाली अमरनाथ यात्रा इस साल और भी खास होने जा रही है. 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाली यह यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी, जो पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा लंबी है. हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कठिन पहाड़ी रास्तों को पार करते हैं, और इस बार प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं को और मजबूत करने की तैयारी की है.

15 अप्रैल से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा. श्रद्धालु दो तरीकों से आवेदन कर सकते हैं, ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट के जरिए या देशभर के 550 से ज्यादा बैंक ब्रांच पर जाकर.

इन बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक, यस बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं. बुकिंग “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगी और हर दिन के लिए सीमित स्लॉट तय किए गए हैं. खास बात यह है कि जिस तारीख के लिए यात्रा करनी है, उसके 7 दिन पहले ही उस दिन की बुकिंग बंद हो जाएगी.

स्वास्थ्य नियम सख्त, उम्र सीमा तय

यात्रा के लिए इस बार स्वास्थ्य नियमों को और सख्त किया गया है. केवल 13 से 70 वर्ष के लोग ही यात्रा कर सकेंगे. 6 हफ्ते से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं होगी. हर श्रद्धालु को 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी किया गया Compulsory Health Certificate (CHC) जमा करना होगा, जो अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल से ही मान्य होगा.

RFID कार्ड से होगी ट्रैकिंग

इस बार सुरक्षा के लिए नई तकनीक भी जोड़ी गई है. हर यात्री को RFID कार्ड दिया जाएगा, जिससे यात्रा के दौरान उसकी लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी. रजिस्ट्रेशन के बाद यात्रियों को एक यात्रा परमिट मिलेगा, जिसमें तारीख, रूट और एंट्री टाइम की जानकारी होगी.

दो रास्ते, अपनी सुविधा के अनुसार चुनें मार्ग

श्रद्धालु अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो रास्तों में से चुन सकते हैं:

  • पहलगाम रूट (48 किमी): यह लंबा लेकिन धीरे-धीरे चढ़ाई वाला रास्ता है, जो पहली बार जाने वालों के लिए बेहतर माना जाता है.
  • बालटाल रूट (14 किमी): यह छोटा लेकिन ज्यादा खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है, जिसे अनुभवी यात्री ज्यादा पसंद करते हैं.

बेहतर सुविधाएं और ₹5 लाख का बीमा कवर

इस साल यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं. बालटाल रूट पर बेहतर लाइटिंग और रास्तों को सुधारा गया है.

यात्रियों के लिए पोनी, पालकी और पोर्टर की प्री-पेड बुकिंग सिस्टम शुरू किया गया है. साथ ही, बालटाल, नुनवान, श्रीनगर और चंदरकोट में रहने की व्यवस्था को भी बढ़ाया गया है.

हर रजिस्टर यात्री को ₹5 लाख का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर भी मिलेगा.

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यात्रा से पहले तैयारी जरूरी

अमरनाथ यात्रा आध्यात्मिक होने के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण है. ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे समय से रजिस्ट्रेशन करें, मेडिकल चेकअप कराएं और खुद को ऊंचाई वाले इलाकों के लिए तैयार रखें.

इस बार यात्रा की अवधि बढ़ाने का मकसद भी यही है कि ज्यादा श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें और भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके.