मानसून को लेकर IMD का अपडेट, गर्मी से मिलेगी राहत; बिहार-बंगाल समेत कई राज्यों में इस दिन होगी बारिश

IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, हालांकि इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, तमिलनाडु और कई अन्य राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है.

आईएमडी अलर्ट Image Credit: Money9live

IMD Monsoon Update: देशभर में मानसून को लेकर इंतजार बढ़ता जा रहा है. IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी तक अपने तय समय पर केरल नहीं पहुंच पाया है, लेकिन अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है.

सामान्य से कम होगी बारिश

IMD के अनुसार, मानसून के अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और उत्तर-पूर्वी इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. हालांकि इस बार मानसून के सामान्य से कमजोर रहने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि El Nino कंडीशन विकसित होने के कारण इस साल देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है.

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD ने पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 मई को गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.

दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 28 मई से 2 जून के बीच बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान लगाया गया है. कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

पूर्वी भारत में भी बदलेगा मौसम

IMD ने पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में भी तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है. पश्चिम बंगाल और बिहार में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की प्रगति के साथ आने वाले दिनों में तापमान में कुछ राहत मिल सकती है.

खेती और अर्थव्यवस्था के लिए अहम है मानसून

भारत में सालभर की कुल बारिश का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मानसून सीजन में होता है. यही वजह है कि खेती, पीने के पानी, बिजली उत्पादन और भूजल स्तर के लिए मानसून बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस बार कमजोर मानसून की आशंका ने किसानों और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है. IMD ने अप्रैल में जारी अपने पूर्वानुमान में कहा था कि 2026 में देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, इस बार देश में लगभग 80 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जबकि लॉन्ग पीरियड एवरेज 87 सेंटीमीटर है.

El Nino बढ़ा सकता है चिंता

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, El Nino की स्थिति बनने से भारत में सामान्य से कम बारिश और ज्यादा गर्मी देखने को मिल सकती है. वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन और अमेरिकी एजेंसी NOAA ने भी El Nino कंडीशन विकसित होने की आशंका जताई है. केंद्र सरकार ने कहा है कि यदि El Nino का असर बढ़ता है, तो प्रभावित जिलों के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार किए जाएंगे.

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