दो दशक बाद भारत फिर कर रहा कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी, 2030 में हो सकता है अहमदाबाद आयोजन
भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित शहर घोषित किया है. 2010 में दिल्ली में सफल आयोजन के बाद, भारत दो दशक बाद फिर से इस बड़े खेल आयोजन को लाने की तैयारी कर रहा है. भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ और गुजरात सरकार ने मिलकर राष्ट्रमंडल खेल महासंघ को आधिकारिक बोली सौंपी है.
Commonwealth Games 2030 India: भारत ने 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया था. यह आयोजन 3 से 14 अक्तूबर के बीच दिल्ली में किया गया था. इसमें 71 राष्ट्रमंडल देशों के कुल 4352 एथलीटों ने भाग लिया था. राष्ट्रमंडल खेलों को मिनी ओलंपिक के तौर पर देखा जाता है. हालांकि इस आयोजन के 15 साल बाद भारत एक बार फिर से इसका आयोजन करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए भारत ने बड़ा कदम उठाया है. तो चलिए आपको बताते हैं कि भारत ने इसके लिए क्या तैयारी की है.
2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पेश किया प्रस्ताव
भारत ने दो दशकों के बाद राष्ट्रमंडल खेलों को देश में लाने की महत्वाकांक्षा के साथ शुक्रवार को 2030 के खेलों की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया. यह औपचारिक बोली भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ और गुजरात सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा राष्ट्रमंडल खेल महासंघ को प्रस्तुत की गई.
इस बोली में अहमदाबाद को राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले खेलों के मेजबान शहर के रूप में स्थान दिया गया है. गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि भारत के खेल ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के प्राचीन सिद्धांत पर आधारित होंगे, जिसका अर्थ है ‘विश्व एक परिवार है.’ यह एकता और मानवीय जुड़ाव को बढ़ावा देगा.
राष्ट्रमंडल परिवार का गर्मजोशी के साथ स्वागत करने के लिए तैयार है भारत
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा, ‘‘यह बोली पूरे देश की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है. अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेल न केवल भारत की खेल क्षमताओं को प्रदर्शित करेंगे, बल्कि मित्रता, सम्मान और समावेशिता के मूल्यों को भी दर्शायेंगे जो हमारी खेल संस्कृति को परिभाषित करते हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘शताब्दी समारोह के जश्न के साथ, भारत राष्ट्रमंडल परिवार का गर्मजोशी और उत्कृष्टता के साथ स्वागत करने के लिए तैयार है, जिससे नयी पीढ़ी को खेल के माध्यम से सपने देखने और हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी.’’
2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी देश की एक अग्रणी खेल राष्ट्र बनने की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा के अनुरूप है, जहां बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी और बुनियादी ढांचे के विकास में व्यापक भागीदारी सहायक का काम करेगी.
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