जनवरी में बढ़ा भारत का व्यापार घाटा, सोना-चांदी के भारी आयात से ट्रेड डेफिसिट 34.68 अरब डॉलर पहुंचा

जनवरी में सोने-चांदी के बढ़ते आयात ने भारत के ट्रेड डेफिसिट को अनुमान से कहीं ऊपर पहुंचा दिया है. दिसंबर में ट्रेड डेफिसिट 25.04 अरब डॉलर था. हालांकि अमेरिका और यूरोप के साथ नए व्यापार समझौतों से आने वाले महीनों में निर्यात को रफ्तार मिलने की उम्मीद बनी हुई है.

India Trade deficit Image Credit: Canva

India trade deficit January 2026: साल की शुरुआत में भारत के विदेशी व्यापार के आंकड़ों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. जनवरी महीने में देश का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट तेजी से बढ़कर 34.68 अरब डॉलर पर पहुंच गया. दिसंबर में यह घाटा 25.04 अरब डॉलर था. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस तेज बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह सोने और चांदी के आयात में उछाल रहा.

अनुमान से कहीं ज्यादा रहा घाटा

रॉयटर्स के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने जनवरी के लिए ट्रेड डेफिसिट 26 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया था. लेकिन वास्तविक आंकड़ा इससे काफी ज्यादा निकला. इससे साफ है कि आयात और निर्यात के बीच का अंतर उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गया है.

निर्यात घटा, आयात बढ़ा

जनवरी में भारत का मर्चेंडाइज निर्यात घटकर 36.56 अरब डॉलर रह गया, जो दिसंबर में 38.51 अरब डॉलर था. वहीं, आयात बढ़कर 71.24 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले महीने 63.55 अरब डॉलर था. अधिकारियों के मुताबिक, सोने और चांदी की ज्यादा खेप आने से आयात में यह तेज बढ़ोतरी हुई.

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी के बीच भारत का कुल निर्यात 2.22 फीसदी बढ़कर 366.63 अरब डॉलर पहुंच गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरे वित्त वर्ष में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 860 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है.

अमेरिका के टैरिफ का आखिरी असर

जनवरी के आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब यह महीना अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित आखिरी महीनों में शामिल रहा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय सामानों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया था. इससे निर्यातकों और नीति निर्माताओं को बड़ी राहत मिली है.

यह भी पढ़ें: जनवरी में 9 महीने के उच्च स्तर पर थोक महंगाई, खाने-पीने की चीजें और मैन्युफैक्चरिंग लागत ने जेब पर डाला असर

भारत-अमेरिका और EU डील से उम्मीद

समझौते के तहत भारत ने रूस से तेल खरीद घटाने और अमेरिका से आयात दोगुना से ज्यादा करने पर सहमति जताई है. फिलहाल प्रभावी टैरिफ दर 25 फीसदी है, जो मार्च में प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट के बाद 18 फीसदी तक आने की उम्मीद है. इसके अलावा, भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ नया व्यापार समझौता भी आने वाले समय में निर्यात बढ़ाने में मदद कर सकता है.

Latest Stories