दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, गोवा के घर में मिले थे बेहोश

नाना पाटेकर गोवा स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए थे. उन्हें रात करीब साढ़े 3 बजे दोना पावला स्थित मणिपाल अस्पताल लाया गया था. नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उन्होंने साल 1978 की ड्रामा फिल्म गमन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था.

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन. Image Credit: Tv9 Network

Highlights

  • नाना पाटेकर को एक्टिंग के लिए तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था.
  • सिनेमा और आर्ट्स में उनके योगदान के लिए उन्हें 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.
  • नाना पाटेकर ने साल 1978 की ड्रामा फिल्म गमन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था.

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार को निधन हो गया. वे 75 वर्ष के थे. रिपोर्ट के अनुसार, वे गोवा स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए थे. उन्हें रात करीब साढ़े 3 बजे दोना पावला स्थित मणिपाल अस्पताल लाया गया था. डॉक्टर के अनुसार, हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही नाना पाटेकर की मौत हो चुकी थी.

कार्डियक अरेस्ट की वजह से निधन

मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, नाना पाटेकर का निधन गंभीर कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ. डॉक्टरों ने उन्हें 45 मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

3 बार मिला था नेशनल फिल्म अवॉर्ड

नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा की दुनिया के बेहतरीन एक्टर्स में से एक माना जाता था. उन्हें उनकी एक्टिंग के लिए तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड, चार फिल्मफेयर अवॉर्ड, दो महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड और मराठी फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. सिनेमा और आर्ट्स में उनके योगदान के लिए उन्हें 2013 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था.

बॉलीवुड में डेब्यू

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उन्होंने साल 1978 की ड्रामा फिल्म गमन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसके बाद वे कई हिंदी और मराठी फिल्मों में दिखे.

1988 में एकेडमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेटेड सलाम बॉम्बे में एक्टिंग करने के बाद, इस अनुभवी एक्टर ने 1989 की क्राइम ड्रामा परिंदा में अपनी परफॉर्मेंस के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड और बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था.

परिंदा, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी, खामोशी: द म्यूजिकल, अब तक छप्पन और नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया था.

उन्हें कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम’ (2007) और इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ (2015) में गैंगस्टर ‘उदय शेट्टी’ का किरदार निभाने के लिए भी काफी तारीफ मिली थी. वे पॉलिटिकल थ्रिलर ‘राजनीति’ (2010) का भी हिस्सा थे, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए पांचवीं बार नॉमिनेशन मिला.