30 जनवरी से 3 फरवरी तक मौसम का डबल अटैक! कई राज्यों में बारिश-आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट; 4 डिग्री तक गिरेगा पारा
जनवरी के आखिरी और फरवरी की शुरुआत में मौसम राहत और परेशानी दोनों लेकर आ सकता है. जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिलेगी, वहीं बारिश, बर्फबारी और कोहरे की वजह से मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं.
IMD Weather Alert: जनवरी खत्म होने को है, लेकिन ठंड का असर अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है. जैसे-जैसे महीने के आखिरी दिन नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे मौसम भी करवट बदल रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी लगातार अलग-अलग राज्यों के लिए नई चेतावनियां जारी कर रहा है. वजह है एक के बाद एक आ रहे दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, जिनका असर मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक साफ दिखने वाला है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आने वाले दिनों में कहां बारिश होगी, कहां बर्फ गिरेगी और किन इलाकों में कोहरा परेशान कर सकता है.
उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
आईएमडी के मुताबिक, दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के तेजी से एक्टिव होने के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है. यह असर 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 के बीच देखने को मिल सकता है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 जनवरी और 1 फरवरी को कई जगहों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है. हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 1 फरवरी को मौसम बिगड़ने के संकेत हैं, जबकि उत्तराखंड में 1 और 2 फरवरी को बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया गया है.
मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और घना कोहरा
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का असर दिखेगा. राजस्थान में 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है. वहीं मध्य प्रदेश में 1 और 2 फरवरी को तथा छत्तीसगढ़ में 2 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य भारत के कुछ इलाकों में 31 जनवरी तक सुबह के समय घना कोहरा भी परेशान कर सकता है.
मौसम सिस्टम की वजह क्या है
आईएमडी ने बताया है कि इस बदलाव की बड़ी वजह उत्तर-पूर्व ईरान के ऊपर बना नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है, जो ऊपरी वायुमंडल में साइक्लोन सर्कुलेशन के रूप में एक्टिव है. इसके साथ ही सबट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम भी उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर मजबूत बनी हुई है, जिसमें करीब 130 नॉट की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. असम, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और केरल तट के पास भी ऊपरी हवा में साइक्लोन सर्कुलेशन मौजूद है. यही सभी सिस्टम मिलकर देश के बड़े हिस्से में मौसम को प्रभावित कर रहे हैं.
तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर
न्यूनतम तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी और फिर दो दिनों में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है. मध्य भारत में अगले 24 घंटों में तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ सकता है, जिसके बाद हल्की गिरावट का अनुमान है. महाराष्ट्र में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. गुजरात में पहले तापमान बढ़ेगा, फिर कुछ दिनों की गिरावट के बाद दोबारा बढ़ोतरी के संकेत हैं. उत्तराखंड में 29 और 30 जनवरी को पाला पड़ने की भी संभावना जताई गई है.
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली और एनसीआर में 30 जनवरी को आसमान आमतौर पर बादलों से ढका रहेगा. सुबह के समय कई इलाकों में हल्का और कुछ जगहों पर मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है. तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. 31 जनवरी को बादल और बढ़ेंगे और रात के समय बहुत हल्की बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 1 फरवरी को भी दिनभर बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है.
क्या असर पड़ सकता है.
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की वजह से फसलों, यातायात और दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से सड़कें बंद होने और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे से दृश्यता कम होने का खतरा बना रहेगा. ऐसे में लोगों को मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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