सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर लगाई रोक, कहा- भाषा सही नहीं; नई कमेटी बनाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि नियमों में जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा सीमित है और इससे कई वर्ग संस्थागत सुरक्षा से बाहर हो सकते हैं. अदालत ने केंद्र सरकार और UGC से जवाब मांगा है. कोर्ट ने साफ कहा कि शिक्षा संस्थानों में समानता जरूरी है और किसी भी तरह का विभाजन देश की एकता के खिलाफ है. इस फैसले को नियमों का विरोध कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.
UGC Regulations: सुप्रीम कोर्ट ने नए UGC नियमों पर रोक लगा दी है. अदालत ने कहा कि इस मामले की दोबारा गहराई से जांच जरूरी है. कोर्ट के इस फैसले को नियमों का विरोध कर रहे छात्र संगठनों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह का भेदभाव देश की एकता के खिलाफ है. अदालत ने केंद्र सरकार और UGC से जवाब भी मांगा है.
क्यों रोके गए UGC के नए नियम
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा सीमित कर दी गई है. अदालत को यह आशंका है कि इससे कई वर्ग संस्थागत सुरक्षा से बाहर हो सकते हैं. कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर है और इस पर दोबारा विचार जरूरी है. इसी वजह से अंतिम फैसला आने तक नियमों पर रोक लगाई गई है.
UGC के नए नियमों में क्या था
नए नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी कमेटी बनाने का प्रावधान था. इन कमेटियों में ओबीसी एससी- एसटी महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधि शामिल किए जाने थे. इनका मकसद कैंपस में समानता और भेदभाव से जुड़ी शिकायतों का समाधान करना बताया गया था. ये नियम वर्ष 2012 के पुराने दिशानिर्देशों की जगह लाने थे.
नियमों को लेकर क्या आपत्ति थी
PIL में कहा गया कि नए नियम जाति आधारित भेदभाव को बहुत संकीर्ण रूप में परिभाषित करते हैं. आरोप है कि सामान्य वर्ग के उन लोगों को सुरक्षा नहीं मिलती जो जाति के आधार पर भेदभाव का सामना करते हैं. इसी वजह से नियमों को नॉन- इंक्लूसिव बताया गया और इन्हें वापस लेने की मांग उठी.
कोर्ट ने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह नहीं चाहता कि भारत में शिक्षा संस्थान अलग- अलग वर्गों में बंटे. अदालत ने सवाल किया कि क्या देश एक पिछड़े समाज की ओर बढ़ रहा है. कोर्ट ने कहा कि देश की एकता शिक्षा संस्थानों में भी दिखनी चाहिए.
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देश भर में क्यों हुआ विरोध
नए UGC नियमों के खिलाफ कई राज्यों में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए. छात्रों और शिक्षकों का कहना था कि यह नियम समानता के बजाय भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं. लगातार बढ़ते विरोध और याचिकाओं के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा जहां अब इन नियमों पर रोक लगा दी गई है.




