एक ही दिन में सोना ₹10000 से ज्यादा हुआ महंगा, इन 5 कारणों से आई ताबड़तोड़ तेजी, जानें क्या आगे जारी रहेगी रैली
सोने की कीमतों ने 29 जनवरी 2026 को इतिहास रचते हुए MCX पर एक ही दिन में 10,000 रुपये से ज्यादा की छलांग लगाई. इसी के साथ सोना 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर पार कर लिया. वहीं इंटरनेशनल मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड 5573 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. तो आखिर किस कारण सोने की कीमतों में दिख रही जबरदस्त तेजी, जानिए वजह.
Gold Price Today: सोना लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. ग्लोबल मार्केट से लेकर भारतीय बुलियन बाजार में सोना लगातार अपनी चमक बिखेर रहा है. 29 जनवरी 2026 को सोने की कीमतों ने एक और इतिहास रच दिया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना आज 10 हजार रुपये ज्यादा उछलकर पहली बार 180000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया. वहीं इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 5.07 फीसदी उछलकर 5,573 डॉलर प्रति औंस के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया. तो आखिरकार सोने की कीमतों में एक ही दिन में इतनी बड़ी उछाल क्यों आई, क्या है इस तेजी की वजह और आगे की क्या है संभावाएं, आज हम आपको इसी के बारे में बताएंगे.
सोने में आई तेजी की वजह
सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग
अमेरिका और ईरान से जुड़े तनाव समेत वैश्विक भू-राजनीतिक हालात ने सुरक्षित निवेश की मांग को तेज कर दिया है. ऐसे में निवेशक तेजी से सोने की ओर रुख कर रहे हैं. महंगाई, आर्थिक अस्थिरता और बाजार में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए सोना एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है.
फेड के फैसले का भी असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, जो पहले से अनुमानित था. अब ट्रेडर्स को उम्मीद है कि जून में फेड शॉर्ट टर्म ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. फेड के दो गवर्नर क्रिस्टोफर वालर और स्टीफन मिरान ने 0.25% की दर कटौती का समर्थन किया है. कम ब्याज दरें सोने को और आकर्षक बनाती हैं, क्योंकि इससे इसे रखने की लागत घट जाती है. इस कारण भी सोने की कीमतों में बंपर उछाल देखने को मिला.
ग्लोबल मार्केट का प्रभाव
चीन और हांगकांग जैसे बाजारों से जबरदस्त खरीदारी भी सोने की कीमतों को ऊपर ले जा रही है. शंघाई और हांगकांग में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद ग्राहक सोना खरीद रहे हैं, क्योंकि उन्हें आगे और तेजी की उम्मीद है.
सेंट्रल बैंक लगातार खरीद रहें सोना
केंद्रीय बैंक यानी सेंट्रल बैंक लगातार भर-भर कर सोना खरीद रहे हैं. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी WGC की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में केंद्रीय बैंकों ने कुल 863 टन सोना खरीदा. पोलैंड का नेशनल बैंक लगातार दूसरे साल सबसे बड़ा खरीदार रहा. चीन, तुर्की, ब्राजील और कजाकिस्तान जैसे देशों ने भी बड़े पैमाने पर सोना जोड़ा. इस वजह से भी सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है.
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सोने की मांग बढ़ी
दुनिया भर में सोने की चमक अब नई ऊंचाइयों पर है. वर्ष 2025 में वैश्विक गोल्ड डिमांड पहली बार 5,000 टन के पार पहुंच गई है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में कुल सोने की मांग बढ़कर 5,002 टन हो गई, जो पिछले साल 4,961.9 टन थी. इस जबरदस्त उछाल की सबसे बड़ी वजह निवेश मांग रही, जो सुरक्षित निवेश और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के चलते तेजी से बढ़ी. वहीं 2025 में निवेश मांग बढ़कर 2,175.3 टन पहुंच गई, जबकि 2024 में यह 1,185.4 टन थी.
आगे भी जारी रहेगी तेजी
WGC की रिपोर्ट के मुताबिक भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक जोखिम, डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों को सोने की ओर तेजी से मोड़ा. ETF, गोल्ड बार और सिक्कों में निवेश सालभर में 84 प्रतिशत उछल गया. विश्लेषकों का मानना है कि अगर मौजूदा आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिम बरकरार रहे, तो सोना उम्मीद से पहले ही 6,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है. 2026 में भी सोने की चमक फीकी नहीं पड़ेगी.
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