JIO ने फाइल किया DRHP, 27 करोड़ फ्रेश शेयर होंगे जारी, ₹28500 करोड़ का इश्यू साइज! कर्ज चुकाने पर फोकस
Jio Platforms IPO: शुक्रवार को मुकेश अंबानी ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि लिस्टिंग से निवेशकों के लिए बहुत अधिक वैल्यू बनेगी. यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब जियो का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस लगातार बेहतर हो रहा है.
Jio Platforms ने शुक्रवार को IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया. इसमें निवेशकों के लिए 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है. इससे पहले शुक्रवार को मुकेश अंबानी ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि लिस्टिंग से निवेशकों के लिए बहुत अधिक वैल्यू बनेगी.
कितना बड़ा इश्यू साइज?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPO का साइज लगभग 3 अरब डॉलर (28500 करोड़ रुपये) होने का अनुमान है. कंपनी इससे मिलने वाली रकम के बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने में करेगी. बाकी बची रकम का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कामकाज के लिए किया जाएगा.
कर्ज चुकाने पर फोकस
कंपनी ने अपने DRHP में कहा है कि लगभग 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी द्वारा लिए गए लोन को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने के लिए किया जाएगा.
कंपनी ने कहा, ‘ऊपर बताए गए फंड की जरूरत और इस्तेमाल मौजूदा बिजनेस प्लान, इंटरनल मैनेजमेंट के अनुमान, बाजार की मौजूदा स्थितियों और अन्य कमर्शियल व टेक्निकल फ़ैक्टर (जैसे ब्याज दरें, एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव और अन्य चार्ज) के साथ-साथ रिलायंस जियो द्वारा किए गए फाइनेंसिंग और अन्य समझौतों पर आधारित हैं.’
DRHP फाइल करने की तारीख तक, प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास कंपनी की प्री-इश्यू पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का लगभग 66.43 फीसदी हिस्सा है.
रिलायंस जियो की कमाई
यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब जियो का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस लगातार बेहतर हो रहा है. वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में, रिलायंस जियो के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 44,928 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट 13 फीसदी बढ़कर 7,935 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA में 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई क्योंकि ऑपरेटिंग मार्जिन 230 बेसिस पॉइंट्स बढ़ गया.
प्रति यूजर औसत रेवेन्यू
टैरिफ में बढ़ोतरी, बेहतर सब्सक्राइबर क्वालिटी और ग्राहकों के ज्यादा जुड़ाव की वजह से प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़कर 214 रुपये हो गया. डेटा का इस्तेमाल भी मजबूत बना रहा और यह प्रति यूजर हर महीने 42.3 GB रहा, जबकि कुल डेटा ट्रैफिक एक साल पहले के मुकाबले लगभग 35 फीसदी बढ़ गया.
Jio IPO में ‘फ्रेश इश्यू’ का क्या मतलब है?
‘फ्रेश इश्यू’ के तहत सभी शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी रेश्यो रूप से कम हो जाएगी, क्योंकि नए शेयर जारी किए जाते हैं. इसके उलट, OFS में सिर्फ शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को ही अपनी हिस्सेदारी कम करने की अनुमति होती है, जबकि कंपनी की शेयर कैपिटल में कोई बदलाव नहीं होता.
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