Jio IPO प्लान आगे बढ़ा, 6 ग्लोबल बैंकों को बनाया सलाहकार; 170 अरब डॉलर हो सकती है वैल्यूएशन
भारतीय शेयर बाजार में जल्द एक ऐसा कदम उठने वाला है जो निवेशकों की नजरें अपनी ओर खींच सकता है. देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों में से एक से जुड़ी बड़ी तैयारी चल रही है. अगर यह योजना पूरी हुई तो बाजार में नई हलचल देखने को मिल सकती है.
Reliance Jio IPO Update: भारत के शेयर बाजार में एक और बड़ा आईपीओ आने की तैयारी है. देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो बाजार में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रही है. अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपने टेलीकॉम कारोबार जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए आईपीओ लाने की तैयारी में है. यह पब्लिक ऑफर भारत का अब तक सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है. कंपनी ने इस प्रक्रिया के लिए कई बड़े निवेश बैंकों को सलाहकार के रूप में शामिल किया है.
कई बड़े निवेश बैंक बने सलाहकार
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज इस संभावित शेयर बिक्री के लिए करीब आधा दर्जन बड़े बैंकों के साथ काम कर रही है. इनमें BofA Securities, Citigroup, Goldman Sachs, JM Financial, Kotak Mahindra Capital और Morgan Stanley जैसे बड़े नाम शामिल हैं. रिपोर्ट में दी जानकारी के मुताबिक, आने वाले समय में कुछ और सलाहकार भी इस प्रक्रिया में जोड़े जा सकते हैं.
20 साल बाद समूह की बड़ी यूनिट का आईपीओ
अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो यह लगभग दो दशक में रिलायंस इंडस्ट्रीज के किसी बड़े कारोबार का पहला आईपीओ होगा. जियो प्लेटफॉर्म्स देश की सबसे बड़ी वायरलेस सेवा देने वाली कंपनी है और इसके जरिए रिलायंस ने टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई है.
जियो के आईपीओ की योजना को उस समय और गति मिली जब सरकार ने लिस्टिंग नियमों में बदलाव को मंजूरी दी. नए नियमों के तहत अब बड़ी कंपनियां आईपीओ में केवल 2.5% हिस्सेदारी बेचकर भी शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती हैं. इससे बड़े कॉर्पोरेट समूहों के लिए बाजार में आना आसान हो गया है.
वैल्यूएशन 170 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान
बैंकर्स ने जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित वैल्यू करीब 170 अरब डॉलर तक आंकी है. अगर कंपनी न्यूनतम 2.5% हिस्सेदारी भी बेचती है तो इससे लगभग 4.3 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं. हालांकि फाइनल स्ट्रक्चर और शर्तें अभी तय नहीं हुई हैं.
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ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की तैयारी
ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि जब ऑफर की शर्तें तय हो जाएंगी, तब कंपनी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करेगी. हालांकि इस आईपीओ के टाइम और स्ट्रक्चर में अभी बदलाव संभव है.
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक 2026 में भारत के आईपीओ बाजार की शुरुआत उम्मीद के मुकाबले धीमी रही है. इस साल अब तक लगभग 1.7 अरब डॉलर के आईपीओ आए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में करीब 2.3 अरब डॉलर जुटाए गए थे. ऐसे में जियो का संभावित आईपीओ बाजार में नई हलचल पैदा कर सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
