बैंकिंग से फिनटेक तक निवेश का मौका, मोतीलाल ओसवाल ने पेश किया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड; 27 जनवरी से खुलेगा NFO
भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में निवेश के नए मौकों पर केंद्रित मोतीलाल ओसवाल म्युचुअल फंड ने फाइनेंशियल सर्विसेज फंड लॉन्च किया है. यह ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम बैंकिंग एनबीएफसी बीमा, फिनटेक, कैपिटल मार्केट्स और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों में निवेश करेगी. फंड का न्यू फंड ऑफर 27 जनवरी से 10 फरवरी तक खुला रहेगा.
Motilal Oswal Mutual Fund: भारत के तेजी से विस्तार करते वित्तीय सर्विस सेक्टर में निवेश के नए अवसर पेश करते हुए Motilal Oswal Mutual Fund ने एक नया सेक्टर-फोकस्ड इक्विटी फंड लॉन्च करने की घोषणा की है. फंड हाउस ने मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज फंड नाम से यह ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम पेश की है, जिसका मकसद भारतीय वित्तीय सेवा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में निवेश कर लंबी अवधि में बढ़ोतरी हासिल करना है. इस फंड का न्यू फंड ऑफर 27 जनवरी से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 10 फरवरी को बंद होगा.
क्या है फंड का निवेश उद्देश्य
यह फंड मुख्य रूप से बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, बीमा कंपनियों, फिनटेक, कैपिटल मार्केट्स और वेल्थ मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-आधारित इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगा. भारत की अर्थव्यवस्था में वित्तीय सेवाएं एक संरचनात्मक रूप से मजबूत स्तंभ बन चुकी हैं, जहां डिजिटलीकरण, फॉर्मलाइजेशन और कैपिटल मार्केट में खुदरा निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.
भारत के वित्तीय सेवा सेक्टर की बढ़ती ताकत
पिछले एक दशक में भारत का वित्तीय सेवा क्षेत्र पारंपरिक बैंकिंग से आगे बढ़ चुका है. बैंक डिपॉजिट और एडवांसेज, एनबीएफसी एसेट अंडर मैनेजमेंट, म्युचुअल फंड एयूएम, बीमा प्रीमियम और शेयर बाजार गतिविधियों में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह ट्रेंड देश की वित्तीय प्रणाली में दीर्घकालिक और स्थायी विकास की ओर इशारा करता है.
मैनेजमेंट की राय
प्रतीक अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने कहा कि भारत का वित्तीय सेवा उद्योग इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उद्योग का फॉर्मलाइजेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का विस्तार और कैपिटल मार्केट में घरेलू निवेशकों की बढ़ती संख्या इसे नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बावजूद भारत के घरेलू आर्थिक बुनियादी कारक मजबूत बने हुए हैं.
निवेश रणनीति और बेंचमार्क
फंड की निवेश रणनीति मोतीलाल ओसवाल एएमसी की क्यूजीएलपी यानी क्वालिटी, ग्रोथ, लॉन्गेविटी और प्राइस फिलॉसफी पर आधारित होगी. इसमें जोखिम प्रबंधन फ्रेमवर्क और बीएफएसआई स्पेस के भीतर सब-सेक्टर रोटेशन रणनीति को अपनाया जाएगा. फंड की बेंचमार्किंग निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज टोटल रिटर्न इंडेक्स से की जाएगी.
कौन संभालेगा फंड
इस फंड का प्रबंधन अजय खंडेलवाल, अतुल मेहरा, संदीप जैन, भालचंद्र शिंदे, राकेश शेट्टी और स्वप्निल मायकर की अनुभवी टीम करेगी. अजय खंडेलवाल ने कहा कि भारत में नॉन-लेंडिंग फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 15 गुना बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि लेंडिंग बिजनेस में यह बढ़त लगभग 4 गुना रही है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.