Mutual Funds ने IT शेयरों से घटाया निवेश, 8 साल के निचले स्तर पर पहुंचा वेटेज; Infosys, TCS समेत कई स्टॉक्स दबाव में
आईटी सेक्टर में म्यूचुअल फंड्स का निवेश घटकर आठ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है. रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में आईटी शेयरों का वेटेज घटकर 6.9% रह गया, जो जनवरी में 8.3% था. Infosys, TCS, HCL Tech और Wipro जैसे कई बड़े शेयरों में भी गिरावट देखी गई है, जबकि विदेशी निवेशकों ने भी इस सेक्टर में बिकवाली की है.
भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर लंबे समय से निवेशकों का पसंदीदा रहा है, लेकिन हाल के महीनों में इस सेक्टर को लेकर रुझान बदलता दिखाई दे रहा है. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक म्यूचुअल फंड्स ने आईटी शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है, जिससे इस सेक्टर में उनका निवेश आठ साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. यह संकेत देता है कि फंड मैनेजर फिलहाल टेक्नोलॉजी कंपनियों को लेकर थोड़ा सतर्क नजर आ रहे हैं.
आईटी सेक्टर में म्यूचुअल फंड का निवेश घटा
मोतिलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में आईटी सेक्टर में म्यूचुअल फंड का वेटेज घटकर 6.9 प्रतिशत रह गया, जो जनवरी में 8.3 प्रतिशत था. यानी एक महीने में करीब 140 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्ज की गई.
अगर सालाना आधार पर देखें तो फरवरी 2025 में आईटी सेक्टर में म्यूचुअल फंड का निवेश 9.5 प्रतिशत था, जो अब घटकर 6.9 प्रतिशत रह गया है. इस तरह एक साल में करीब 260 बेसिस पॉइंट की कमी आई है.
टेक्नोलॉजी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी में टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर, टेलीकॉम, ई-कॉमर्स और केमिकल सेक्टर में म्यूचुअल फंड के वेटेज में कमी देखी गई. इनमें सबसे ज्यादा गिरावट टेक्नोलॉजी सेक्टर में आई, जहां वैल्यू में करीब 16.1 प्रतिशत की मासिक गिरावट दर्ज की गई.
फरवरी में कई बड़े आईटी शेयरों में गिरावट देखने को मिली. जिन कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा कमी आई, उनमें इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, विप्रो, कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स शामिल हैं.
इन्फोसिस के शेयर वैल्यू में करीब 16.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि टीसीएस में 13.9 प्रतिशत और एचसीएल टेक में 13.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. वहीं विप्रो के शेयरों में करीब 7.2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.
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विदेशी निवेशकों ने भी घटाई हिस्सेदारी
आईटी सेक्टर में कमजोरी का एक कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी रही. NSDL के आंकड़ों के अनुसार फरवरी में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दो चरणों में आईटी शेयरों की बड़ी बिक्री की.
महीने के पहले हिस्से में उन्होंने करीब 11,000 करोड़ रुपये के आईटी शेयर बेचे, जबकि 15 से 28 फरवरी के बीच करीब 5,993 करोड़ रुपये की और बिकवाली की.
