म्यूचुअल फंड्स में निवेश के लिए गिफ्ट कार्ड्स और प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स को मिल सकती है अनुमति, SEBI कर रहा विचार

इन PPIs को सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक बैंक ट्रांसफर या UPI के जरिए किसी भारतीय बैंक अकाउंट से ही फंड किया जा सकेगा. परंपरागत रूप से रिटेल खरीदारी में गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड समाधानों का इस्तेमाल किया जाता रहा है. इन प्रस्तावों पर 14 अप्रैल तक लोगों से राय मांगी है.

सेबी Image Credit: @Money9live

मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने मंगलवार को म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए गिफ्ट कार्ड या गिफ्ट प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs) शुरू करने का प्रस्ताव दिया. इसका मकसद इस क्षेत्र में नए निवेशकों को जोड़कर फाइनेंशियल इंक्लूजन को बेहतर बनाना है. सेबी ने अपने कंसल्टेशन पेपर में कहा कि इस प्रस्ताव के तहत, Gift PPI खरीदने वाला व्यक्ति इस प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट को किसी दूसरे व्यक्ति को गिफ़्ट कर सकता है, और वह व्यक्ति फिर इस इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल करके म्यूचुअल फंड यूनिट्स में निवेश कर सकता है.

लिमिट और वैलिडिटी

इन PPIs को सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक बैंक ट्रांसफर या UPI के जरिए किसी भारतीय बैंक अकाउंट से ही फंड किया जा सकेगा, और इनकी वैलिडिटी जारी होने की तारीख से एक साल तक रहेगी. सेबी ने गिफ़्ट PPIs के जरिए किए जाने वाले निवेश के लिए, हर इन्वेस्टर के लिए हर फाइनेंशियल ईयर में 50,000 रुपये की लिमिट रखने का सुझाव दिया है. सेबी ने सुझाव दिया है कि गिफ्ट PPIs के जरिए किए गए निवेश के लिए, हर निवेशक पर हर फाइनेंशियल ईयर में 50,000 रुपये की सीमा तय की जाए.

Gift PPI रिडेम्पशन

RTAs, AMCs की ओर से यह ट्रैक करेंगे कि हर इन्वेस्टर ने हर फाइनेंशियल ईयर में, हर AMC में Gift PPI, e-wallets और कैश के जरिए कितना इन्वेस्ट किया है. इसमें आगे कहा गया है, ‘अगर Gift PPI रिडेम्पशन से होने वाला ट्रांजेक्शन 50,000 रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो RTA उस ट्रांजेक्शन को रिजेक्ट कर देगा, और PPI की फेस वैल्यू जारी करने वाले के एस्क्रो अकाउंट में वापस कर दी जाएगी.’

परंपरागत रूप से रिटेल खरीदारी में गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड समाधानों का इस्तेमाल किया जाता रहा है. समय के साथ, डिजिटल पेमेंट्स की वजह से इनका चलन बढ़ा है, क्योंकि ये तुरंत डिलीवरी और बेहतर सुरक्षा देते हैं.

फाइनेंशियल इंक्लूजन

यह कंसल्टेशन पेपर तब आया है, जब सेबी को एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) से एक प्रस्ताव मिला था. इस प्रस्ताव में म्यूचुअल फंड की यूनिट्स में निवेश करने के लिए ‘गिफ्ट PPI’ को एक माध्यम के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति देने पर विचार करने को कहा गया था.

सेबी के अनुसार, ‘गिफ्ट कार्ड/गिफ्ट PPI से उम्मीद है कि यह म्यूचुअल फंड सेक्टर में नए निवेशकों को जोड़ने के जरिए फाइनेंशियल इंक्लूजन को बेहतर बनाएगा.’ सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने इन प्रस्तावों पर 14 अप्रैल तक लोगों से राय मांगी है.

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