डिमैट MF अकाउंट में होंगे 5 बड़े बदलाव! SWP-STP बनेगा ऑटोमैटिक, SEBI ने जारी किया कंसल्टेशन पेपर
डिमैट अकाउंट के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए SEBI बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. सेबी ने ऑटोमैटिक स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन की सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे SWP और STP बिना हर बार मैनुअल आदेश के लागू हो सकेंगे. इससे बार-बार DIS देने की झंझट खत्म होगी और निवेशकों को SOA मोड जैसी सुविधा मिलेगी.
Demat Mutual Fund SEBI New Rule: म्यूचुअल फंड में डिमैट अकाउंट के जरिए निवेश करने वालों के लिए सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है. बाजार नियामक ने म्यूचुअल फंड यूनिट्स की निकासी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑटोमैटिक स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन की सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. 5 फरवरी 2026 को जारी एक कंसल्टेशन पेपर में सेबी ने कहा कि वह डिमैट मोड और स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट (SOA) मोड के बीच मौजूद अंतर को खत्म करना चाहता है.
इसके तहत सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) को बिना हर बार मैनुअल आदेश दिए लागू किया जा सकेगा. इसका सीधा फायदा उन लाखों निवेशकों को मिलेगा, जिन्हें अभी हर बार पैसा निकालने या ट्रांसफर करने के लिए अलग-अलग निर्देश देने पड़ते हैं.
1. बार-बार फॉर्म भरने की झंझट होगी खत्म
फिलहाल डिमैट अकाउंट में म्यूचुअल फंड रखने वाले निवेशकों को हर निकासी के लिए डिलीवरी इंस्ट्रक्शन स्लिप (DIS) जमा करनी पड़ती है. सेबी के मुताबिक यह प्रक्रिया न सिर्फ जटिल है, बल्कि निवेशकों को नियमित इनकम प्लानिंग से भी रोकती है. हर महीने या तिमाही पैसा निकालने के लिए बार-बार फॉर्म भरना या डिजिटल अनुमति देना कई बार देरी और गड़बड़ी का कारण बन जाता है. इसी वजह से बहुत से लोग डिमैट मोड में SWP या STP का इस्तेमाल नहीं कर पाते.
2. पावर ऑफ अटॉर्नी के बिना निवेशक के हाथ में रहेगा पूरा कंट्रोल
अभी इस परेशानी से बचने के लिए कुछ निवेशक अपने ब्रोकर्स को पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) दे देते हैं. लेकिन सेबी का मानना है कि इससे निवेशक का अपने निवेश पर सीधा कंट्रोल कम हो जाता है. नए प्रस्ताव के तहत स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन सीधे डिपॉजिटरी सिस्टम में दी जा सकेगी. इससे निवेशक अपने म्यूचुअल फंड यूनिट्स की पूरी कस्टडी अपने पास रखते हुए ऑटोमैटिक निकासी का फायदा उठा सकेंगे.
3. STP में होने वाली देरी और तकनीकी झंझट होगी कम
अभी डिमैट अकाउंट से एक स्कीम से दूसरी स्कीम में पैसा ट्रांसफर करने के लिए कई स्टेप्स से गुजरना पड़ता है- ब्रोकर्स, स्टॉक एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के जरिए. हर STP किस्त के लिए यह प्रक्रिया दोहरानी पड़ती है, जिससे गलती या देरी की संभावना बनी रहती है. सेबी का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में हर तारीख पर मैनुअल निगरानी जरूरी होती है, जो ऑपरेशनल रिस्क बढ़ाती है.
4. RTAs के साथ ऑटोमैटिक सेटलमेंट होगा संभव
सेबी की योजना है कि स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन लागू होने के बाद रिकॉन्सिलिएशन और सेटलमेंट पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाए. अभी पे-इन से जुड़ी जानकारी पहले मैन्युअली रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट्स (RTAs) तक भेजी जाती है. नए सिस्टम में तय तारीख पर डिपॉजिटरी और RTA के बीच डेटा अपने आप शेयर होगा, जिससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पैसा सीधे निवेशक के खाते में पहुंचेगा.
5. वर्किंग ग्रुप की सिफारिशों पर आधारित है प्रस्ताव
इस बदलाव के लिए सेबी ने एक विशेष वर्किंग ग्रुप बनाया था, जिसमें स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरी और RTA से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे. इस ग्रुप ने निष्कर्ष निकाला कि डिमैट मोड में निवेश करने वालों को भी वही सुविधा मिलनी चाहिए, जो अभी SOA मोड में उपलब्ध है. यानी SWP और STP के लिए स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन की समान सुविधा.
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा नया सिस्टम
फेज 1: यूनिट-बेस्ड ऑटोमैशन
पहले चरण में निवेशक एक बार स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन रजिस्टर करेंगे. इसके बाद तय समय पर निश्चित संख्या में यूनिट्स अपने आप बिक जाएंगी या ट्रांसफर हो जाएंगी. इस फेज में मौजूदा स्टॉक एक्सचेंज सिस्टम का ही इस्तेमाल होगा.
फेज 2: अमाउंट-बेस्ड और एडवांस फीचर्स
दूसरे चरण में प्रोसेस सीधे RTAs के जरिए होगा. इसमें निवेशकों को राशि के आधार पर निकासी, केवल मुनाफे की निकासी, स्विंग STP जैसी एडवांस सुविधाएं मिलेंगी. ये विकल्प खासतौर पर रिटायर्ड निवेशकों और लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग करने वालों के लिए काफी फायदेमंद होंगे.
ये भी पढ़ें- इन 3 म्यूचुअल फंड ने टेक्सटाइल स्टॉक्स में लगाया है बड़ा दांव! ट्रेड डील के बाद बदला सेंटीमेंट, क्या यहां बनेगा पैसा?
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




