इन 3 म्यूचुअल फंड ने टेक्सटाइल स्टॉक्स में लगाया है बड़ा दांव! ट्रेड डील के बाद बदला सेंटीमेंट, क्या यहां बनेगा पैसा?

ट्रेड डील के बाद टेक्सटाइल शेयरों पर भी देखने को मिला है. Gokaldas Exports, Avanti Feeds के शेयर 3 दिन में 40 फीसदी तक चढ़ गए हैं. इसके बाद इस सेक्टर में निवेश करने वाले शेयरों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड पर निवेशकों की नजरें जा टिकी हैं. अब देखना होगा कि क्या इस सेक्टर में पैसा बनता है या नहीं?

म्यूचुअल फंड Image Credit: Canva

टेक्सटाइल सेक्टर एक बार फिर निवेशकों की नजर में आ गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह है EU-India Free Trade Agreement. EU का कुल टेक्सटाइल इंपोर्ट करीब 263.5 बिलियन डॉलर का है, जबकि भारत का मौजूदा टेक्सटाइल एक्सपोर्ट सिर्फ 7.2 बिलियन डॉलर है. इस बड़े गैप को देखते हुए आने वाले सालों में भारत के लिए ग्रोथ की संभावनाएं काफी मजबूत दिखती हैं. इस बीच अमेरिका ने भी भारतीय टेक्सटाइल पर ड्यूटी घटाकर 18 प्रतिशत कर दी है, जो 2025 में 50 प्रतिशत तक थी. इसका असर ट्रेड डील के बाद टेक्सटाइल शेयरों पर भी देखने को मिला है. Gokaldas Exports, Avanti Feeds के शेयर 3 दिन में 40 फीसदी चढ़ गए हैं. इसके बाद इस सेक्टर में निवेश करने वाले शेयरों के साथ-साथ म्यूचुअल फंड पर निवेशकों की नजरें जा टिकी हैं. अब देखना होगा कि क्या इस सेक्टर में पैसा बनता है या नहीं?

Kotak Flexicap Fund

कोटक फ्लेक्सीकैप फंड की शुरुआत जनवरी 2013 में हुई थी. यह एक ओपन एंडेड फ्लेक्सीकैप फंड है, जो लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश करता है. 31 जनवरी 2026 तक इस फंड का AUM करीब 564.78 बिलियन रुपये था. डायरेक्ट प्लान का एक्सपेंस रेश्यो 0.6 प्रतिशत है. फंड की इक्विटी में हिस्सेदारी करीब 97.46 प्रतिशत है. पोर्टफोलियो में बैंकिंग सेक्टर का वेट सबसे ज्यादा है. यह फंड SRF में करीब 3.4 प्रतिशत निवेश रखता है, जो भारत की बड़ी टेक्निकल टेक्सटाइल कंपनियों में से एक है. पिछले 10 सालों में फंड ने करीब 14.88 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है और रिस्क एडजस्टेड आधार पर भी बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है.

Mahindra Manulife Focused Fund

महिंद्रा मैनुलाइफ फोकस्ड फंड नवंबर 2020 में लॉन्च हुआ था. यह एक फोकस्ड मल्टीकैप फंड है, जो करीब 30 शेयरों में निवेश करता है. 31 जनवरी 2026 तक इसका AUM करीब 22.28 बिलियन रुपये था. डायरेक्ट प्लान का एक्सपेंस रेश्यो 0.42 प्रतिशत है. इस फंड का करीब 4.11 प्रतिशत निवेश ग्रासिम इंडस्ट्रीज में है, जो विस्कोस फिलामेंट यार्न और रेयान फाइबर का बड़ा एक्सपोर्टर है. पिछले 5 सालों में फंड ने करीब 22.8 प्रतिशत का CAGR रिटर्न दिया है और बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है.

HSBC India Export Opportunities Fund

HSBC इंडिया एक्सपोर्ट ऑपर्च्युनिटीज फंड सितंबर 2024 में लॉन्च हुआ था. यह एक थीमैटिक फंड है, जो उन कंपनियों में निवेश करता है जिनकी 20 प्रतिशत से ज्यादा कमाई एक्सपोर्ट से आती है. 31 दिसंबर 2026 तक इस फंड का AUM करीब 14.14 बिलियन रुपये था. डायरेक्ट प्लान का एक्सपेंस रेश्यो 2.09 प्रतिशत है, जो ऊंचा माना जाता है. इस फंड के पोर्टफोलियो में अरविंद और ग्रासिम इंडस्ट्रीज जैसे टेक्सटाइल शेयर शामिल हैं. हालांकि, अब तक इसका प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा है और फंड का ट्रैक रिकॉर्ड अभी छोटा है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.