चीन पर घट रही है भारत की निर्भरता! फर्टिलाइजर से लेकर स्टील तक कई सेक्टर के आयात में दिखी बड़ी गिरावट
भारत और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में धीरे-धीरे बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. हालिया आंकड़े बताते हैं कि कुछ अहम सेक्टरों में आयात का रुख बदला है, जिसका असर आने वाले समय में सप्लाई चेन और घरेलू उद्योगों पर दिख सकता है. यह बदलाव अर्थव्यवस्था के लिए क्या मायने रखता है.
China Import to India Decline: भारत सरकार लंबे समय से चीन पर आयात निर्भरता कम करने की बात कर रही है और अब इसके ठोस नतीजे आंकड़ों में भी दिखने लगे हैं. साल 2024-25 में कई अहम सेक्टरों में चीन से होने वाला आयात घटा है, जबकि भारत से निर्यात, खासकर मोबाइल फोन जैसे सेक्टर में, रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. शुक्रवार को संसद में पेश किए गए ताजा आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि भारत धीरे-धीरे सप्लाई चेन के मोर्चे पर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
कई सेक्टरों में चीन से आयात में गिरावट
शुक्रवार यानी 6 फरवरी को राज्यसभा में लिखित जवाब में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि 2024-25 में चीन से आयात कई सेक्टरों में घटा है. सबसे ज्यादा गिरावट उर्वरक (फर्टिलाइजर) सेक्टर में देखी गई, जहां आयात 61.4 फीसदी तक कम हुआ. इसके अलावा रसायन और उससे जुड़े उत्पादों में 19.7 फीसदी, आयरन और स्टील में 10.3 फीसदी और मैन-मेड यार्न में 9.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत इन क्षेत्रों में वैकल्पिक स्रोतों की ओर बढ़ रहा है.
मोबाइल फोन का आयात 92 फीसदी घटा
मोबाइल फोन सेक्टर में चीन पर निर्भरता कम करने का असर सबसे साफ दिखता है. जहां 2014-15 में चीन से मोबाइल फोन का आयात 48,609 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह घटकर सिर्फ 3,710 करोड़ रुपये रह गया. यानी 92% घटा इसके उलट, भारत से मोबाइल फोन का निर्यात तेजी से बढ़ा है. 2014-15 में यह आंकड़ा 1,566 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 2.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है.
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सरकार की रणनीति क्या है
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार भारतीय उद्योगों को एक ही देश पर निर्भर रहने के बजाय सप्लाई चेन को विविध बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. कंपनियों से कहा जा रहा है कि वे वैकल्पिक देशों और घरेलू स्रोतों की तलाश करें. इसके साथ ही आयात में किसी भी असामान्य बढ़ोतरी पर सरकार लगातार नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर कदम भी उठाए जाते हैं.
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