ITR भरने वालों के लिए अलर्ट! इस बार बदल गए ये 5 नियम, जान लें पूरी बात
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR फाइलिंग में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अब अलग-अलग ITR फॉर्म में बैंक बैलेंस, कैपिटल गेन, ट्रेडिंग, दो हाउस प्रॉपर्टी और अतिरिक्त संपर्क जानकारी जैसी नई जानकारियां देनी होंगी. कुछ मामलों में रिपोर्टिंग आसान भी की गई है. इसलिए रिटर्न भरने से पहले सभी दस्तावेजों का मिलान करना जरूरी होगा.
ITR Filing 2026: रिटर्न भरने से पहले इन नए नियमों को जान लें, नहीं तो हो सकती है परेशानीअगर आप वित्त वर्ष 2025-26 का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस बार पहले से ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. आयकर विभाग ने ITR फॉर्म में कई अहम बदलाव किए हैं. अब बैंक बैलेंस, कैपिटल गेन, ट्रेडिंग और टैक्स छूट से जुड़ी ज्यादा जानकारी देनी होगी. ऐसे में रिटर्न भरने से पहले सभी दस्तावेजों और जानकारी का मिलान कर लेना जरूरी है, क्योंकि किसी भी तरह की गड़बड़ी आगे चलकर नोटिस की वजह बन सकती है.
इस बार क्या-क्या बदला
नए ITR फॉर्म में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिनका मकसद करदाताओं की ओर से दी गई जानकारी का आयकर विभाग के पास मौजूद रिकॉर्ड से बेहतर मिलान करना है. विभाग अब AIS, TDS रिकॉर्ड, ब्रोकरेज रिपोर्ट और दूसरे उपलब्ध डेटा के आधार पर रिटर्न की जांच करेगा. ऐसे में रिटर्न भरते समय हर जानकारी सही और पूरी देना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है.
ITR-1 में क्या नया है
अब ITR-1 भरने वाले टैक्सपेयर्स दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम भी इसी फॉर्म में दिखा सकेंगे. पहले इसके लिए ITR-2 भरना पड़ता था. इसके अलावा, धारा 112A के तहत लिस्टेड शेयरों और इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड से एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को भी ITR-1 में दिखाया जा सकेगा.
फॉर्म में सेकेंडरी एड्रेस, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के लिए नए कॉलम जोड़े गए हैं. वहीं विदेश से पेंशन पाने वाले लोगों को अब विदेशी पेंशन खाते की जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी.
ITR-2 में कैपिटल गेन की ज्यादा जानकारी
ITR-2 भरने वालों को अब कैपिटल गेन से जुड़े हर लेनदेन की ज्यादा जानकारी देनी होगी. इसमें संपत्ति खरीदने और बेचने की तारीख, बिक्री मूल्य, खरीद लागत और टैक्स से जुड़ी जानकारी शामिल होगी.
शेयर बायबैक से होने वाले नुकसान की रिपोर्टिंग के लिए भी अलग कॉलम दिया गया है. वहीं विदेशी संपत्ति, विदेशी बैंक खाते, विदेशी शेयर या विदेश से होने वाली आय की जानकारी पहले की तरह देना जरूरी रहेगा. इस फॉर्म में भी सेकेंडरी एड्रेस, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जोड़ने का विकल्प दिया गया है.
ITR-3 में ट्रेडिंग की अलग-अलग जानकारी देनी होगी
अगर आप F&O, इंट्राडे, कमोडिटी या करेंसी ट्रेडिंग करते हैं, तो अब इन सभी की जानकारी अलग-अलग देनी होगी. इसके अलावा, कारोबार और बड़े वित्तीय लेनदेन से जुड़ी ज्यादा जानकारी भी मांगी जाएगी. ऑडिटर से जुड़ी कुछ रिपोर्टिंग को आसान बनाया गया है. साथ ही सेकेंडरी एड्रेस और संपर्क से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जाएगी.
ITR-4 में बैंक बैलेंस बताना होगा
ITR-4 भरने वाले टैक्सपेयर्स अब दो हाउस प्रॉपर्टी की आय भी इसी फॉर्म में दिखा सकेंगे. धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन भी इसमें रिपोर्ट किया जा सकेगा.
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब 31 मार्च 2026 तक बैंक खाते में मौजूद बैलेंस की जानकारी देना अनिवार्य होगा. विदेश से पेंशन पाने वाले लोगों को विदेशी पेंशन खाते का विवरण देने की जरूरत नहीं होगी.
इसके अलावा, राजनीतिक दलों को दिए गए दान पर टैक्स छूट का दावा करने वाले करदाताओं के लिए अब संबंधित राजनीतिक दल का PAN नंबर दर्ज करने का नया कॉलम भी जोड़ा गया है.
ITR भरने की आखिरी तारीख
वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई रहेगी. वहीं गैर-ऑडिट बिजनेस और ट्रस्ट से जुड़े मामलों के लिए अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है. F&O ट्रेडिंग से आय कमाने वाले करदाता भी 31 अगस्त तक अपना ITR दाखिल कर सकेंगे, क्योंकि इस आय को बिजनेस इनकम माना जाता है.
संशोधित ITR दाखिल करने की समय-सीमा भी बढ़ा दी गई है. अब जनवरी 2027 से मार्च 2027 के बीच लेट फीस के साथ संशोधित रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा. पांच लाख रुपये तक की इनकम वालों के लिए लेट फीस 1,000 रुपये और इससे अधिक आय वालों के लिए 5,000 रुपये होगी.
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