पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी, महिलाओं को 3000 रुपये महीने वाली स्कीम को भी हरी झंडी
इसके साथ ही बंगाल कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं को 3,000 रुपये महीने की मदद देने वाली 'अन्नपूर्णा' स्कीम को भी मंजूरी दे दी है. इसके अलावा 1 जून से सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

पश्चिम बंगाल की नई नवेली सरकार ने आम लोगों से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक को तोहफा दिया है. शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने सोमवार को अपने कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है.
इसके साथ ही बंगाल कैबिनेट ने 1 जून से महिलाओं को 3,000 रुपये महीने की मदद देने वाली ‘अन्नपूर्णा’ स्कीम को भी मंजूरी दे दी है. इसके अलावा 1 जून से सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.
बंद होंगी ऐसी योजनाएं
राज्य सरकार ने यह भी फैसला किया कि धार्मिक आधार पर बनी कल्याणकारी योजनाएं अगले महीने से बंद कर दी जाएंगी. सरकार ने संकेत दिया था कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मुद्दों पर 18 मई को हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी.
राज्य में सरकारी कर्मचारी लंबे समय से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर DA (महंगाई भत्ता) की मांग कर रहे हैं, और 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7 CPC) को लागू करने को लेकर चल रही चर्चाओं ने वेतन में बढ़ोतरी की उम्मीदों को फिर से जगा दिया है.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि कैबिनेट बैठक में ‘सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े कई अहम मामलों’ पर चर्चा की जाएगी, जिनमें DA और सातवां वेतन आयोग भी शामिल हैं.
कितना मिलता है डीए?
अभी, पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों को 22 फीसदी DA मिलता है. इस साल की शुरुआत में अंतरिम बजट में प्रशासन ने इसमें चार प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी का ऐलान किया था. हालांकि, कर्मचारियों के संगठन ज़्यादा भत्ते की मांग पर जोर देते रहे हैं. उनका तर्क है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले फायदों के बीच अभी भी काफी अंतर है.
अन्नपूर्णा योजना क्या है?
अन्नपूर्णा भंडार योजना पश्चिम बंगाल में BJP द्वारा प्रस्तावित महिलाओं के कल्याण की एक पहल है, जो अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई पिछली ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ की जगह लेगी. इस प्रस्तावित योजना के तहत, राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में मिलेंगे. यह राशि राज्य में TMC के नेतृत्व वाली सरकार की पिछली योजना के तहत दी जाने वाली राशि से लगभग दोगुनी है.