Crypto Pyramid Scams: क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से चाहते हैं बचना, बस ये तीन स्टेप्स न करें फॉलो

अमीर बनने के लिए क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट तमाम लोगों को सबसे आसान तरीका नजर आता है. अक्सर लोग किसी एक ट्रेड की तलाश में रहते हैं, जहां किस्मत साथ दे, तो जीवनभर के लिए पैसे कमाने से आजादी मिल जाए. हिस्टोरिकल डाटा और सैद्धांधांतिक आधार पर यह संभव नजर आता है. लेकिन, असल में यहां ज्यादातर लोग ठगे जाते हैं.

क्रिप्टो कॉइन को क्लोन कर हो रही ठगी Image Credit: money9live

Cryptocurrency Pyramid Scams को पहचानना मुश्किल नहीं है. लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि आप आंखों से लालच का पर्दा उतारकर तर्क के नजरिये से इसे देखें. क्रिप्टोकरेंसी ने एक ऐसा एसेट क्लास है, जहां अभी रेगुलेशन की भारी कमी है. यही वजह है कि यहां इनोवेशन और इन्वेस्टमेंट के अवसरों के साथ ही स्कैमर्स को ठगी के भरपूर मौके मिल रहे हैं. ठगी के तमाम तरीकों में एक तरीका है क्रिप्टो पिरामिड स्कैम. असल में ठगी का यह तरीका नया नहीं है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर इस तरीके से ठगी करना नया है.

क्या है क्रिप्टो पिरामिड स्कैम?

क्रिप्टो पिरामिड स्कैम असल में किसी भी पोंजी स्कीम या मनी सर्कुलेशन स्कैम की तरह ही होते हैं. इसके लिए कुछ ठग एक धोखाधड़ी वाली निवेश योजना शुरू करते हैं. इस योजना से शुरुआती तौर पर जुड़ने वालो लोगों को अपने नीचे नए लोग जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. निवेशक अपने नीचे जितने ज्यादा लोग जोड़ते हैं, उन्हें उतना ही रिटर्न दिया जाता है. मोटेतौर पर निवेश के जरिये कोई सॉलिड बिजनेस नहीं चलता है. बल्कि नए लोगों से मिलने वाली निवेश की रकम को ही ऊपर मौजूद लोगों में बांटा जाता है. अक्सर इसे मल्टी लेवल मार्केटिंग स्कीम्स के तौर पर भी जाना जाना जाता है.

क्रिप्टो पिरामिड स्कैम कैसे पहचानें?

घोटालेबाज अक्सर एक रेफरल के जरिये नए लोगों को जोड़ने का लालच देते हैं. शुरुआत में वे आपको बहुत कम समय में अप्रत्याशित रिटर्न का वादा कर आपसे निवेश कराते हैं. इसके बाद रैफरल बोनस के नाम पर ज्यादा कमाई का लालच दिया जाता है. वहीं, माइनिंग और रैफरल के जरिये ज्यादा कमाई के लिए बूस्टर टैरिफ खरीदने को प्रोत्साहित किया जाता है. हर निवेश पर ज्यादा कमीशन और हाई रिटर्न के वादे शुरुआती संकेत हैं, जो बताते हैं कि आप किसी पिरामिड स्कीम का शिकार हो रहे हैं.

इन तीन स्टेप्स में पहचानें स्कैम

  1. सबसे पहले स्कैमर्स अनऑफिशियल टेलीग्राम बॉट के जरिये क्रिप्टो वॉलेट रजिस्टर करने का निर्देश देते हैं. इसके बाद, आपसे बूस्टर खरीदकर कमाई बढ़ाने के लिए नया वॉलेट एड्रेस पता प्रदान करते हैं.
  2. इसके बाद आपको नए कॉइन खरीदने के लिए कहा जाता है. जब बूस्टर के बाद आप नए कॉइन खरीदते हैं, तो आपको ज्यादा कॉइन ऑफर किए जाते हैं. मिसाल के तौर पर पिछले दिनो TON कॉइन के नाम पर ऐसे स्कैम हुए.
  3. इसके बाद आपके रैफरल के लिए प्रेरित किया जाता है. जब आपके रैफरल से नए सदस्य कॉइन खरीदते हैं, तो आपको कमीशन मिलता है. टॉनकॉइन में हुए पिरामिड स्कैम के दौरान रैफरल इन्वेस्टिंग पर 30 से 70 फीसदी तक कमीशन ऑफर किया गया.

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