EPS में सरकार का 1.16% योगदान अभी भी ₹15,000 वेतन तक सीमित, जानें क्या बदला

EPFO की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है. इससे 15,000 से ज्यादा और 25,000 रुपये तक वेतन पाने वाले कर्मचारी दायरे में आएंगे. हालांकि, EPS में सरकार का 1.16% योगदान अभी भी 15,000 रुपये की सीमा तक ही रहेगा. ऐसे में सरकार का अधिकतम मासिक योगदान 174 रुपये ही होगा.

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Highlights

  • EPFO की अनिवार्य कवरेज सीमा अब बढ़कर ₹25,000 हो गई है
  • EPS में सरकार का योगदान अभी भी ₹15,000 वेतन तक सीमित
  • सरकार का अधिकतम EPS योगदान अब भी ₹174 प्रतिमाह रहेगा

कर्मचारियों के लिए EPFO की अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपये से 25,000 रुपये महीना कर दी गई है. इससे ज्यादा कर्मचारियों को EPF, EPS और EDLI जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आने का मौका मिलेगा. हालांकि, सरकार के EPS योगदान में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. सरकार का 1.16% योगदान अभी भी अधिकतम 15,000 रुपये के वेतन पर ही लागू होगा. यानी सरकार की ओर से अधिकतम योगदान 174 रुपये प्रति माह ही रहेगा.

₹25,000 की नई सीमा का क्या मतलब है?

17 सितंबर 2026 से EPFO की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये महीना कर दी गई है. इसका फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी मासिक पात्र मजदूरी 15,000 रुपये से ज्यादा लेकिन 25,000 रुपये तक है. सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस बदलाव से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं. हालांकि, यहां एक अहम अंतर समझना जरूरी है. 25,000 रुपये की सीमा EPFO की कवरेज से जुड़ी है, जबकि सरकार के EPS योगदान की सीमा अलग है.

सरकार का योगदान कितना रहेगा?

नए नियम के मुताबिक केंद्र सरकार EPS में कर्मचारी की मजदूरी का 1.16% योगदान करती रहेगी, लेकिन इसकी गणना अधिकतम 15,000 रुपये मासिक वेतन तक होगी. इस तरह सरकार का अधिकतम मासिक योगदान 174 रुपये ही रहेगा. यानी अगर किसी कर्मचारी की पात्र मजदूरी 25,000 रुपये है, तब भी सरकार का EPS योगदान 25,000 रुपये का 1.16% यानी 290 रुपये नहीं होगा. सरकार की ओर से अधिकतम 174 रुपये ही जमा किए जाएंगे.

कर्मचारियों की पेंशन पर क्या असर होगा?

वेतन सीमा बढ़ने से EPFO की कवरेज का दायरा जरूर बढ़ा है, लेकिन इससे हर कर्मचारी की EPS पेंशन अपने आप नहीं बढ़ेगी. पेंशन की राशि पेंशन योग्य वेतन, सेवा अवधि और लागू नियमों पर निर्भर करती है. इसलिए कर्मचारियों को ₹25,000 की नई EPFO सीमा और सरकार के ₹15,000 वाले EPS योगदान की सीमा को अलग-अलग समझना जरूरी है. दोनों को एक ही मानना गलत होगा.

कर्मचारियों के लिए क्या समझना जरूरी?

नई व्यवस्था से ज्यादा वेतन पाने वाले कई कर्मचारियों को EPFO के सामाजिक सुरक्षा ढांचे में शामिल होने का अवसर मिलेगा. लेकिन सरकार के EPS योगदान में फिलहाल कोई अतिरिक्त रकम नहीं जुड़ी है. इसलिए कर्मचारियों को अपनी PF और पेंशन योजना की जानकारी लेते समय EPF, EPS और EDLI के अलग-अलग नियमों को समझना चाहिए.

EPFO की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है. इससे 15,000 से ज्यादा और 25,000 रुपये तक वेतन पाने वाले कर्मचारी दायरे में आएंगे. हालांकि, EPS में सरकार का 1.16% योगदान अभी भी 15,000 रुपये की सीमा तक ही रहेगा. ऐसे में सरकार का अधिकतम मासिक योगदान 174 रुपये ही होगा.

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