अब ज्यादा टैक्स बचत का मौका! HRA नियमों में बदलाव, जानें किन शहरों को मिला फायदा और क्या है नई शर्त

HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस पर मिलने वाली टैक्स छूट में बदलाव किया गया है. खास बात यह है कि अब देश के कई बड़े शहरों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है. अब अगर आप किराया देकर HRA छूट लेते हैं, तो आपको यह बताना होगा कि मकान मालिक से आपका क्या रिश्ता है. इसका मकसद टैक्स सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना है.

HRA (New Income Tax 2026) Image Credit: @Money9live

New Income Tax Rules 2026 Notified: सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. सरकार ने नए Income Tax Rules 2026 लागू कर दिए हैं, जिसके तहत HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस पर मिलने वाली टैक्स छूट में बदलाव किया गया है. खास बात यह है कि अब देश के कई बड़े शहरों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है, जहां रहने वाले कर्मचारियों को ज्यादा टैक्स छूट का फायदा मिलेगा.

हालांकि, इसके साथ ही सरकार ने एक नई शर्त भी जोड़ दी है. अब अगर आप किराया देकर HRA छूट लेते हैं, तो आपको यह बताना होगा कि मकान मालिक से आपका क्या रिश्ता है. इसका मकसद टैक्स सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाना है और गलत दावों को रोकना है. ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और FY 2026-27 से इनका असर दिखाई देगा.

इन शहरों में मिलेगा ज्यादा HRA छूट का फायदा

नए नियमों के तहत मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों को शामिल किया गया है. इन शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को HRA पर ज्यादा टैक्स छूट मिल सकती है, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी.

कैसे तय होती है HRA छूट

  • HRA छूट तीन चीजों में से सबसे कम अमाउंट के आधार पर तय होती है.
  • पहला, आपको मिलने वाला HRA.
  • दूसरा, आपके द्वारा दिया गया किराया माइनस सैलरी का 10%.
  • तीसरा, आपकी सैलरी का 50% या 40%.
  • इनमें जो सबसे कम होता है, वही टैक्स छूट के रूप में मिलता है.

HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस पर टैक्स छूट कैसे मिलती है, इसे बहुत आसान तरीके से समझें. सरकार तीन चीजों में से जो सबसे कम होती है, उसी को छूट मानती है. पहली, आपको मिलने वाला HRA. दूसरी, आपकी सैलरी का 50% अगर आप मेट्रो शहर में रहते हैं. तीसरी, आपने जो किराया दिया है उसमें से सैलरी का 10% घटाकर.

अब उदाहरण से समझते है कि सतीश दिल्ली में रहते हैं, उनका साल का HRA 1 लाख रुपये है, सैलरी 3.24 लाख है और वे 10,000 रुपये महीना किराया देते हैं. तीनों में सबसे कम रकम 87,600 रुपये आती है, इसलिए उन्हें इतनी ही छूट मिलेगी. बाकी 12,400 रुपये पर टैक्स लगेगा.

  • आपने सालभर में किराया दिया = 10,000 × 12 = 1,20,000 रुपये.
  • अब इसमें से आपकी सैलरी का 10% घटाया जाता है.
  • सैलरी 3,24,000 रुपये है, उसका 10% = 32,400 रुपये.

अब बताना होगा मकान मालिक से रिश्ता

नए नियम के अनुसार, अगर आप HRA क्लेम करते हैं तो आपको Form 124 में यह बताना होगा कि मकान मालिक से आपका क्या रिश्ता है. अगर आप अपने माता-पिता या किसी रिश्तेदार को किराया देते हैं, तो भी यह जानकारी देना जरूरी होगा.

रिश्तेदार को किराया देने पर क्या करें

अगर आप परिवार के किसी सदस्य को किराया देते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. किराया देने का सही एग्रीमेंट होना चाहिए. पैसे बैंक के जरिए देने चाहिए, कैश से बचना चाहिए. मकान मालिक को अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में किराया दिखाना चाहिए. सैलरी पाने वाले लोगों को चाहिए कि वे नए नियमों को ध्यान से समझें और सही जानकारी दें. गलत जानकारी देने से परेशानी हो सकती है. सही तरीके से HRA क्लेम करने से टैक्स बचत का पूरा फायदा मिल सकता है.

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