टोल नियमों में बड़ा बदलाव, अब पैसा नहीं कटने पर 72 घंटे में होगा चुकाना, नहीं तो देनी पड़ेगी डबल पेनॉल्टी
टोल को लेकर सरकार ने नया नियम लेकर आई है. इसके तहत बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा से गुजरने पर FASTag से टोल नहीं कटने पर अब वाहन मालिक को 72 घंटे के भीतर भुगतान करना होगा, वरना दोगुना टोल देना पड़ेगा. सरकार ऐसे मामलों में ई-नोटिस भेजेगी.
Toll Rules Changes: सरकार ने FASTag से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. इसके तहत अब नेशनल हाईवे पर बैरियर लेस यानी बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा से गुजरते समय यूजर फीस न कटने और वाहन मालिक के इसे 72 घंटे में न चुकाने पर यूजर को दोगुना टोल चुकाना होगा.सरकार ने नई अधिसूचना जारी कर इसके बारे में बताया. इसका मकसद एक तरफ उन वाहन चालकों पर लगाम लगाना है, जो बिना भुगतान किए निकल जाते हैं, और दूसरी तरफ टोल एजेंसियों को भी जवाबदेह बनाना है.
नए नियमों के जरिए डिजिटल टोल कलेक्शन को और मजबूत करने की कोशिश की गई है, खासतौर पर उस दौर में जब देश में बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम तेजी से लागू किया जा रहा है. ये नए नियम मंगलवार से लागू हो गए हैं. संशोधित नियमों के अनुसार अनपेड यूजर फी यानी ऐसा टोल, जहां वाहन का गुजरना इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम में दर्ज हो गया हो, लेकिन तय शुल्क वसूल न हुआ हो.अब ऐसे मामलों में वाहन के रजिस्टर्ड मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा. इस नोटिस में वाहन की जानकारी, किस तारीख को कहां से वाहन गुजरा, और कितनी रकम देनी है, यह सब दर्ज होगा. यह ई-नोटिस SMS, ईमेल, मोबाइल ऐप और एक तय ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार ने इसके लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम को VAHAN डेटाबेस से जोड़ने का भी प्रावधान किया है, ताकि वाहन की पहचान आसानी से हो सके और बकाया वसूली में दिक्कत न आए.
भेजा जाएगा ई-नोटिस
नए नियमों के तहत, अगर ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर भुगतान कर दिया जाता है, तो सिर्फ असल टोल राशि ही देनी होगी, कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा. जबकि 72 घंटे बीत जाने बाद भुगतान पर डबल टोल फीस चुकानी होगी.
शिकायत दर्ज कराने की भी सुविधा
वाहन मालिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने का रास्ता भी खुला रखा गया है. अगर किसी को लगता है कि उससे गलत तरीके से अनपेड यूजर फी मांगी गई है, तो वह 72 घंटे के भीतर तय पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. इसके बाद टोल एजेंसी को 5 दिनों के भीतर शिकायत की जांच कर फैसला करना होगा. अगर एजेंसी ऐसा नहीं करती, तो अनपेड यूजर फीस का दावा अपने आप खत्म हो जाएगा.
सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर 15 दिनों तक बकाया टोल जमा नहीं होता और कोई शिकायत भी लंबित नहीं है, तो यह बकाया VAHAN सिस्टम में दर्ज कर दिया जाएगा. इसके बाद वाहन से जुड़ी सेवाओं पर रोक लगाई जा सकती है.इन सेवाओं में RC का ट्रांसफर और रिन्यूअल जैसी जरूरी सुविधाएं शामिल हैं. यानी अब टोल बकाया सिर्फ एक छोटा जुर्माना नहीं रहेगा, बल्कि आपकी गाड़ी से जुड़े जरूरी काम भी अटक सकते हैं.
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