करते हैं 5000 रुपये की SIP, ये गणित देखा क्या, 2 साल में 11 लाख का नुकसान! जानें कहां हुई चूक
निवेश की दुनिया में निवेश की रकम के साथ टाइम पीरियड वैल्यूएबल एसेट है. आप 25 साल की उम्र में महज 5,000 रुपये मासिक SIP शुरू करते हैं 60 साल की उम्र तक आप करोड़पति बन सकते हैं. लेकिन यही निवेश अगर 30 साल की उम्र में शुरू किया जाए, तो आपके कॉर्पस में लाखों रुपयों का नुकसान होगा.
कल्पना कीजिए कि आप 25 साल के हैं और हर महीने सिर्फ 5000 रुपये बचाकर निवेश शुरू कर देते हैं. 60 साल की उम्र तक आप करोड़पति बन सकते हैं. वहीं, अगर आपने बराबर रकम 30 साल की उम्र में निवेश करना शुरू किया, तो 60 साल की उम्र तक आपके कॉर्पस में लाखों रुपये कम होंगे. SIP आपको यह सुविधा देता है कि हर महीने छोटी, लेकिन नियमित राशि निवेश करके आप अपने भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं. साथ ही, अगर हर महीने या हर साल निवेश की राशि में थोड़ी बढ़ोतरी कर दें यानी स्टेप-अप कर दें, तो आपका फाइनल कॉर्पस और भी अधिक होगा. इस रिपोर्ट में आप उदाहरणों के जरिए जानेंगे कि 2 साल, 5 साल या 10 साल की देरी से SIP शुरू करने पर आपके फंड की सेहत पर क्या असर पड़ेगा.
SIP में टाइम पीरियड की भूमिका
आउटलुक मनी की एक रिपोर्ट की माने तो, कोटक म्यूचुअल फंड की एक स्टडी में तीन लोगों को शामिल किया गया. तीनों ने हर महीने ठीक 5000 रुपये ही निवेश किए. सिर्फ शुरू करने का समय अलग था. पहले व्यक्ति ने 20 साल तक निवेश किया और 49.95 लाख रुपये बनाए. दूसरे ने 2 साल देर से शुरू की यानी सिर्फ 18 साल निवेश किया तो 38.27 लाख रुपये बने. यानी 11 लाख रुपये का नुकसान. तीसरे ने 5 साल देर की यानी सिर्फ 15 साल निवेश किया तो सिर्फ 25.22 लाख रुपये बने. यानी 13 लाख से ज्यादा का नुकसान हो गया. तीनों ने बराबर पैसे डाले, लेकिन जो पहले शुरू किया उसने दोगुने से ज्यादा कमाया. सिर्फ समय की वजह से.
स्टेप-अप SIP से शुरुआत
अच्छी बात ये है कि आजकल म्यूचुअल फंड में SIP 500 रुपये या कुछ कंपनियों में तो सिर्फ 250 रुपये महीने से भी शुरू हो जाता है. इंतजार करने की कोई जरूरत नहीं है. आज ही छोटा सा SIP शुरू कर दो. फिर हर साल अपने SIP की रकम अपने आप बढ़ाते जाओ. इसे स्टेप-अप SIP या टॉप-अप SIP कहते हैं. जैसे आप 5000 रुपये शुरू करते हो और हर साल 10फीसदी या 500 रुपये बढ़ाओ तो अगले साल 5500, फिर 6000 ऐसे अपने आप बढ़ता जाएगा. SBI, HDFC, कोटक, मिराए एसेट जैसी सारी बड़ी कंपनियां ये सुविधा देती हैं. इसका असर आपके फंड पर भी पड़ेगा. जितना ज्यादा स्टेप-अप की रकम होगी कॉर्पस उतना ही अधिक होगा.
स्टेप-अप SIP से क्या फर्क पड़ता है
स्टेप-अप SIP से क्या फर्क पड़ता है? इसे समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं. मान लो कोई 25 साल की उम्र में 6000 रुपये महीने का SIP शुरू करता है और 12 फीसदी औसत रिटर्न मिलता है. 15 साल बाद बिना कुछ बढ़ाए 28.55 लाख रुपये बनेंगे. लेकिन हर साल 10 फीसदी बढ़ाता रहा तो 15 साल में ही करीब 50 लाख रुपये बन जाएंगे. अब अगर यही व्यक्ति 60 साल की उम्र तक यानी पूरे 35 साल निवेश करता रहे तो बिना बढ़ोतरी के 3.30 करोड़ रुपये बनेंगे. लेकिन हर साल 10 फीसदी स्टेप-अप किया तो 9.46 करोड़ रुपये बन जाएंगे. यानी तीन गुना से भी ज्यादा. इससे आप समझ सकते हैं कि स्टेप-अप SIP से आपके कॉर्पस पर कितना बड़ा असर पड़ेगा.
