रिटर्न भरने से पहले जान लें ये नए नियम, वरना हो सकती है दिक्कत; इन 4 बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2025- 26 के लिए ITR फाइलिंग शुरू हो गई है और इस बार कुछ नए डिस्क्लोजर जोड़े गए हैं. टैक्सपेयर्स को अब राजनीतिक दान का PAN और नाम देना होगा. F&0 ट्रेडिंग का पूरा टर्नओवर और इनकम बतानी होगी. चैरिटी डोनेशन पर ऑनलाइन पेमेंट डिटेल जैसे ट्रांजैक्शन नंबर और IFSC जरूरी है.

नए वित्त वर्ष 2025- 26 के लिए ITR फाइलिंग शुरू हो गई है Image Credit:

ITR Filing 2025-26: वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देश भर में इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं. कई नए नियम जोड़े गए हैं, जबकि कुछ पुराने नियम हटा दिए गए हैं. इस वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रिटर्न भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और CBDT ने ITR फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं.

इस बार फॉर्म के स्टक्चर में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कुछ नए डिस्क्लोजर जोड़े गए हैं. खासकर ITR 1 और ITR 2 भरने वालों के लिए नियम अधिक स्पष्ट और थोड़े सख्त किए गए हैं. ऐसे में अगर आप इस साल अपना रिटर्न भरने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें, वरना रिफंड पाने में दिक्कत हो सकती है.

राजनीतिक पार्टियों को डोनेशन

अगर आपने किसी राजनीतिक पार्टी या इलेक्टोरल ट्रस्ट को दान दिया है, तो इस बार ज्यादा जानकारी देनी होगी. अब आपको पार्टी का नाम और PAN नंबर बताना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही दान की तारीख और राशि भी भरनी होगी. कैश और डिजिटल पेमेंट का अलग अलग विवरण देना जरूरी है. UPI, NEFT या RTGS से पेमेंट करने पर ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर भी देना होगा. इससे फर्जी क्लेम को रोकने में मदद मिलेगी.

F&0 ट्रेडिंग का पूरा हिसाब देना होगा

अगर आप फ्यूचर्स और ऑप्शन्स ट्रेडिंग करते हैं, तो इस बार ज्यादा डिटेल देनी होगी. आपको अपनी खरीद बिक्री और खर्चों का पूरा ब्योरा देना होगा. ओपनिंग स्टॉक, क्लोजिंग स्टॉक और डायरेक्ट खर्चों की जानकारी भी जरूरी है. नए फॉर्म में F&0 टर्नओवर और उससे हुई कमाई के लिए अलग कॉलम दिए गए हैं. इससे आपकी इनकम का सही आकलन किया जा सकेगा.

डोनेशन पर ऑनलाइन पेमेंट का प्रूफ जरूरी

चैरिटेबल संस्थाओं को दिए गए दान पर टैक्स छूट लेने के लिए अब ज्यादा जानकारी देनी होगी. संस्था का नाम, PAN और पूरा पता देना जरूरी है. इसके अलावा पेमेंट का तरीका भी स्पष्ट करना होगा. UPI या बैंक ट्रांसफर के लिए ट्रांजैक्शन नंबर देना जरूरी है. साथ ही बैंक का IFSC कोड भी भरना होगा .इससे यह सुनिश्चित होगा कि दान सही संस्था को किया गया है.

अब सेकेंडरी एड्रेस भी देना होगा

इस बार ITR फॉर्म में एक नया बदलाव सेकेंडरी एड्रेस का है. पहले केवल एक ही एड्रेस देना होता था, लेकिन अब दो एड्रेस देना जरूरी होगा. इसमें आपका प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों एड्रेस शामिल होगा. इसके अलावा मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जानकारी भी पहले की तरह देनी होगी. यह बदलाव कम्युनिकेशन को बेहतर बनाने के लिए किया गया है.

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समय पर रिटर्न फाइल करना है जरूरी

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की गई है. अगर आप समय पर रिटर्न नहीं भरते हैं, तो आपको पेनल्टी देनी पड़ सकती है. नए नियमों के साथ सही जानकारी देना बहुत जरूरी हो गया है. इसलिए सभी जरूरी दस्तावेज और डिटेल पहले से तैयार रखें. सही और समय पर फाइलिंग से आप किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं.