जून में बदल जाएंगे पैसे से जुड़े कई नियम, टैक्स-EMI-LPG और निवेशकों के लिए क्यों है यह महीना अहम?

इस महीने कई ऐसे वित्तीय बदलाव और जरूरी डेडलाइन आने वाली हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब, निवेश और मासिक बजट पर पड़ सकता है. चाहे आप होम लोन या पर्सनल लोन लिए हुए हों, शेयर बाजार में निवेश करते हों या फिर टैक्स रिटर्न भरने की तैयारी कर रहे हों, जून में होने वाले घटनाक्रमों पर नजर रखना जरूरी होगा.

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5 key money events: जून 2026 का महीना आम लोगों, नौकरीपेशा कर्मचारियों, निवेशकों और टैक्सपेयर्स के लिए काफी अहम रहने वाला है. इस महीने कई ऐसे वित्तीय बदलाव और जरूरी डेडलाइन आने वाली हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब, निवेश और मासिक बजट पर पड़ सकता है. चाहे आप होम लोन या पर्सनल लोन लिए हुए हों, शेयर बाजार में निवेश करते हों या फिर टैक्स रिटर्न भरने की तैयारी कर रहे हों, जून में होने वाले घटनाक्रमों पर नजर रखना जरूरी होगा.

इस महीने भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक, एडवांस टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख, फॉर्म-16 जारी होने की प्रक्रिया, छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा और LPG-पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित बदलाव जैसे कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम होने वाले हैं. ऐसे में समय रहते इन बदलावों की जानकारी रखने से आप अपने वित्तीय फैसले बेहतर तरीके से ले सकते हैं.

1. RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी नजर

  • भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 जून से 5 जून 2026 तक आयोजित होगी.
  • बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि RBI फिलहाल रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है.
  • हालांकि निवेशकों और कर्ज लेने वालों की नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय बैंक महंगाई, आर्थिक विकास और ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत देता है.
  • RBI की टिप्पणी भविष्य में लोन EMI, FD की ब्याज दर और निवेश रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है.

2. 15 जून है एडवांस टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख

  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून है.
  • फ्रीलांसर, ट्रेडर और ऐसे लोग जिनकी आय सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं है, उन्हें इस तारीख तक अपनी अनुमानित टैक्स देनदारी का कम से कम 15 प्रतिशत जमा करना होगा.
  • यदि TDS कटने के बाद भी आपकी कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, तो एडवांस टैक्स भरना जरूरी हो सकता है.

3. कर्मचारियों को मिलेगा Form-16

  • नौकरीपेशा लोगों के लिए जून का महीना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 15 जून तक कंपनियों को कर्मचारियों को Form-16 जारी करना होता है.
  • इस दस्तावेज में वेतन, TDS कटौती और टैक्स से जुड़ी पूरी जानकारी होती है.
  • आयकर रिटर्न भरने से पहले Form-16 का इंतजार करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे रिटर्न दाखिल करने में आसानी होती है.

4. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा

  • सरकार हर तिमाही में PPF, Senior Citizen Savings Scheme (SCSS), National Savings Certificate (NSC) और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट जैसी योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है.
  • जून के अंत में इन योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव को लेकर फैसला लिया जा सकता है.
  • इसका असर लाखों निवेशकों की बचत और रिटर्न पर पड़ सकता है.

5. LPG, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर नजर

  • ईंधन की कीमतें आम लोगों के बजट को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं.
  • LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा हर महीने की जाती है, जबकि पेट्रोल और डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर रोजाना तय होते हैं.
  • वैश्विक स्तर पर तेल उत्पादक देशों में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत में ईंधन खर्च बढ़ा सकती हैं.

आपकी जेब पर पड़ सकता है असर

जून 2026 में होने वाले ये पांच बड़े वित्तीय घटनाक्रम सीधे तौर पर आपकी बचत, निवेश, टैक्स प्लानिंग और घरेलू बजट को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए इन तारीखों और बदलावों पर नजर रखना जरूरी है, ताकि आप समय रहते सही वित्तीय फैसले ले सकें,

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