LPG किल्लत के बीच रसोई में फिर दिखेगा केरोसिन तेल, जानें क्या है लेटेस्ट रेट, इस शहर में मिल रहा 15रु लीटर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है. कई शहरों में LPG सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं. पहले लोग इंडक्शन की ओर मुड़े, लेकिन अब उसकी कमी के बीच कई जगहों पर केरोसिन तेल फिर विकल्प के तौर पर चर्चा में है.

Kerosene Price Image Credit: TV9

Kerosene Price: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है. कई शहरों में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति प्रभावित होने से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, जो लोगों को कोविड काल की याद दिला रही हैं. बढ़ती कीमतों और किल्लत के कारण उपभोक्ता अब गैस के विकल्प तलाशने लगे हैं. पहले जहां लोग तेजी से इंडक्शन चूल्हों की ओर बढ़े, वहीं अब कई जगहों पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) एक और विकल्प हो सकता है. मांग बढ़ने से केरोसिन के तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है.

फिर याद आने लगा केरोसिन तेल

इंडक्शन की कमी और गैस की किल्लत के बीच अब लोगों को पुराने समय का विकल्प केरोसिन तेल याद आने लगा है. हालांकि कई बड़े शहरों में केरोसिन का इस्तेमाल लगभग खत्म हो चुका है. उदाहरण के तौर पर दिल्ली को 2017 में ही ‘केरोसिन-फ्री सिटी’ घोषित किया जा चुका है, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिट्टी का तेल उपलब्ध नहीं कराया जाता.

शहरों में केरोसिन तेल की कीमत

हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश के कुछ बड़े शहरों में केरोसिन तेल की कीमत इस प्रकार है:

कोलकाता

  • दिसंबर 2025: ₹67.00 प्रति लीटर
  • जनवरी 2026: ₹61.55 प्रति लीटर
  • फरवरी 2026: ₹60.05 प्रति लीटर

Indian Oil की वेबसाइट के अनुसार, बीते तीन महीने में इसकी कीमत लगभग 7 रुपये कम हुई है.

मुंबई

  • दिसंबर 2025: ₹63.93 प्रति लीटर
  • जनवरी 2026: ₹58.63 प्रति लीटर
  • फरवरी 2026: ₹57.17 प्रति लीटर

मुंबई में भी मिट्टी के तेल दिसंबर की तुलना में 6 रुपये से अधिक सस्ते हुए हैं.

चेन्नई

  • दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक: ₹15.00 प्रति लीटर

चेन्नई में एक लीटर केरोसिन तेल के लिए केवल 15 रुपये का भगतान करना पड़ता है. मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में चेन्नई में सबसे सस्ता केरोसिन का तेल मिल रहा है. इन आंकड़ों से साफ है कि कुछ शहरों में केरोसिन की कीमतों में हाल के महीनों में गिरावट आई है, जिससे LPG संकट के समय यह फिर से एक सस्ता विकल्प बनकर उभर सकता है.

दो रंग के होते हैं केरोसिन तेल

केरोसिन दो रंग के होते हैं. एक नीला केरोसिन और दूसरा सफेद केरोसिन. सफेद केरोसिन और नीले केरोसिन में मुख्य अंतर उनके रंग और उपयोग का होता है. सफेद केरोसिन अधिक शुद्ध और साफ होता है, इसलिए इसमें धुआं और गंध कम होती है और इसका उपयोग उद्योगों और विशेष उपकरणों में किया जाता है. वहीं नीले केरोसिन में पहचान के लिए नीला रंग मिलाया जाता है और इसे आमतौर पर PDS के माध्यम से घरों में चूल्हों और लैम्पों में उपयोग किया जाता है. नीला रंग मिलाने का उद्देश्य इसे अन्य ईंधनों से अलग पहचानना और इसके गलत उपयोग को रोकना है.