ड्राफ्ट टैक्स नियमों में बड़ी राहत! ₹30 लाख सैलरी पाने वाले साल में ₹1.72 लाख तक बचा सकेंगे

आयकर विभाग के ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 में कई भत्तों की छूट सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव है. इससे ₹30 लाख सालाना कमाने वाले वेतनभोगी व्यक्ति की टैक्स देनदारी घट सकती है. HRA, बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल भत्ता बढ़ने से करीब ₹1.72 लाख तक की टैक्स बचत संभव है.

ड्राफ्ट आयकर नियम 2026 Image Credit: AI

आयकर विभाग द्वारा जारी ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 लागू होने के बाद वेतनभोगी करदाताओं के लिए टैक्स प्लानिंग का तरीका बदल सकता है. इन प्रस्तावित नियमों में कई भत्तों (Allowances) की छूट सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया गया है जिससे टैक्स योग्य आय कम हो सकती है. अगर किसी व्यक्ति की सालाना सैलरी ₹30 लाख है तो नए नियमों के तहत वह करीब ₹1.72 लाख तक टैक्स बचा सकता है. नए ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 मंजूरी मिलने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 से लागू हो सकते हैं.

किन भत्तों पर बढ़ेगी टैक्स छूट

  • ड्राफ्ट नियमों में कई ऐसे भत्तों की सीमा बढ़ाई गई है जो लंबे समय से नहीं बदली थी.
  • बच्चों की शिक्षा भत्ता: ₹100 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह प्रति बच्चा (दो बच्चों तक)
  • हॉस्टल खर्च भत्ता: ₹300 से बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह प्रति बच्चा
  • फूड अलाउंस और अन्य भत्तों की छूट सीमा भी बढ़ाने का प्रस्ताव
  • बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को अधिक HRA छूट वाले शहरों में शामिल करने का प्रस्ताव
  • इन बदलावों से वेतनभोगी कर्मचारी अपनी सैलरी के कई हिस्सों पर ज्यादा छूट का लाभ ले सकेंगे

₹30 लाख सैलरी वाले व्यक्ति का उदाहरण

  • मान लीजिए किसी कर्मचारी की सैलरी में ये सभी भत्ते शामिल हैं:
  • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
  • नियोक्ता का NPS योगदान
  • बच्चों की शिक्षा भत्ता
  • हॉस्टल भत्ता
  • लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA)
  • फूड अलाउंस
  • गिफ्ट अलाउंस

ड्राफ्ट नियमों के तहत इन भत्तों की छूट सीमा बढ़ने से कुल टैक्स छूट काफी बढ़ सकती है.

भत्तासंभावित वार्षिक छूट
HRA (मेट्रो शहर)₹5–6 लाख तक
बच्चों की शिक्षा भत्ता (2 बच्चे)₹72,000
हॉस्टल खर्च भत्ता (2 बच्चे)₹2,16,000
फूड अलाउंस₹50,000+
LTA₹1,00,000 तक
अन्य भत्ते₹1–2 लाख

इस तरह कुल छूट लगभग ₹12.08 लाख तक पहुंच सकती है.

टैक्स बचत कैसे होगी

व्यवस्थाकुल छूटटैक्स देनदारी
मौजूदा पुरानी व्यवस्था₹6.91 लाख₹3.77 लाख
ड्राफ्ट पुरानी व्यवस्था₹12.08 लाख₹2.22 लाख
नई टैक्स व्यवस्थाबहुत कम छूट₹4.10 लाख

ड्राफ्ट पुराने टैक्स सिस्टम में टैक्स करीब ₹2.22 लाख रहेगा, जबकि नई टैक्स व्यवस्था में यह लगभग ₹4.10 लाख हो सकता है. यानी दोनों के बीच करीब ₹1.72 लाख की टैक्स बचत संभव है.

कब फायदेमंद होगी पुरानी टैक्स व्यवस्था

एक्सपर्ट के अनुसार यह फायदा तभी मिलेगा जब करदाता वास्तव में इन भत्तों और कटौतियों का पूरा उपयोग कर सके. अगर किसी व्यक्ति के पास HRA, 80C निवेश, स्वास्थ्य बीमा और LTA जैसी छूटें नहीं हैं, तो नई टैक्स व्यवस्था अधिक सरल और सुविधाजनक विकल्प हो सकती है.

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