PhonePe IPO से पहले बड़ा खुलासा, 4.7 करोड़ मर्चेंट नेटवर्क, 98% पिनकोड तक पहुंच; लेंडिंग और डिवाइस से बढ़ रही कमाई
PhonePe के अपडेटेड DRHP से पता चला है कि कंपनी का मर्चेंट नेटवर्क 4.7 करोड़ कारोबारियों तक पहुंच चुका है और यह भारत के लगभग सभी पिनकोड्स को कवर करता है. कंपनी अब सिर्फ डिजिटल पेमेंट ऐप नहीं रही, बल्कि डिवाइस सब्सक्रिप्शन, लेंडिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज के जरिए बड़ा रेवेन्यू इकोसिस्टम तैयार कर चुकी है.
PhonePe IPO and Business Details: डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe Limited अपने संभावित IPO की तैयारी में है और इसी बीच कंपनी की ओर से SEBI के पास दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) से उसके बिजनेस मॉडल और मर्चेंट इकोसिस्टम को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. इन आंकड़ों से साफ होता है कि PhonePe का मर्चेंट नेटवर्क अब सिर्फ पेमेंट सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े और विविध राजस्व मॉडल में बदल चुका है. आईपीओ से पहले कंपनी को लेकर आई इस जानकारी से निवेशकों को फोनपे बिजनेस से जुड़ी अहम जानकारियां मिल सकती हैं.
देश का सबसे बड़ा डिजिटल नेटवर्क मर्चेंट
DRHP के अनुसार, 30 सितंबर 2025 तक PhonePe के साथ रजिस्टर्ड मर्चेंट्स की संख्या 4.71 करोड़ (47.19 मिलियन) तक पहुंच चुकी थी. खास बात यह है कि कंपनी का नेटवर्क भारत के लगभग 98.61 फीसदी पिन कोड्स तक फैल चुका है, जिससे यह देश के सबसे बड़े डिजिटल मर्चेंट नेटवर्क्स में से एक बन गया है. कंपनी के मुताबिक मार्च 2025 तक PhonePe का मर्चेंट बेस देश के कुल ट्रेड और सर्विस मर्चेंट्स का करीब 77 से 80 फीसदी हिस्सा कवर करता है.
सिर्फ रजिस्ट्रेशन ही नहीं, प्लेटफॉर्म पर एक्टिविटी भी काफी मजबूत है. मार्च 2025 में PhonePe के मासिक सक्रिय मर्चेंट्स (Monthly Active Merchants) की संख्या 1.13 करोड़ रही, जो देश के कुल सक्रिय UPI मर्चेंट्स का लगभग 54 फीसदी हिस्सा है. वहीं डेली एक्टिविटी भी लगातार बढ़ी है. सितंबर 2025 तक डेली एक्टिव मर्चेंट्स का रेशियो 60.77 फीसदी तक पहुंच गया, जबकि मार्च 2023 में यह करीब 44.18 फीसदी था.
कंपनी का मजबूत हार्डवेयर इकोसिस्मट
PhonePe के मर्चेंट नेटवर्क की एक और खासियत इसका हार्डवेयर इकोसिस्टम है. कंपनी ने देशभर में करीब 9.19 मिलियन (91.9 लाख) पेमेंट डिवाइस तैनात किए हैं. इनमें QR आधारित डिवाइस के अलावा स्मार्टस्पीकर जैसे डिवाइस भी शामिल हैं, जो भुगतान की आवाज के जरिए पुष्टि करते हैं और व्यापारियों को ट्रांजैक्शन अपडेट देते हैं. इन डिवाइसों से कंपनी को सब्सक्रिप्शन आधारित स्थिर इनकम (recurring revenue) भी मिलती है, जिससे मर्चेंट नेटवर्क और मजबूत बनता है.
इस पूरे सिस्टम को बनाए रखने के लिए PhonePe के पास बड़ा फील्ड नेटवर्क भी है. कंपनी के 25,000 से ज्यादा फील्ड टीम मेंबर्स और करीब 31,000 से अधिक कमीशन आधारित एजेंट्स देशभर में काम कर रहे हैं. खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में मर्चेंट नेटवर्क बढ़ाने पर कंपनी का खास फोकस रहा है.
मर्चेंट लेंडिंग से भी बढ़ता भरोसा
PhonePe के बिजनेस मॉडल का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिस्सा मर्चेंट लेंडिंग भी बनता जा रहा है. कंपनी अपने विशाल ट्रांजैक्शन डेटा का इस्तेमाल करके पार्टनर फाइनेंशियल संस्थानों को क्रेडिट इनसाइट्स देती है, जिसके आधार पर छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी वाले लोन दिए जाते हैं. DRHP के मुताबिक इस सेगमेंट में बेहद तेज ग्रोथ देखी गई है. FY2023 में जहां लोन डिसबर्सल सिर्फ 0.11 अरब रुपये था, वहीं FY2025 तक यह बढ़कर 45.07 अरब रुपये तक पहुंच गया.
बिजनेस और इनकम
राजस्व के लिहाज से भी यह बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है. FY2026 की पहली छमाही में ही मर्चेंट लेंडिंग से कंपनी को करीब 2,880.87 मिलियन रुपये का रेवेन्यू मिला, जो पिछले पूरे वित्त वर्ष की कमाई के लगभग 88 फीसदी के बराबर है. अगर सिर्फ मर्चेंट पेमेंट बिजनेस की बात करें तो FY2025 में इस सेगमेंट से 19,910.36 मिलियन रुपये का रेवेन्यू आया. यह PhonePe के कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू का करीब 28 फीसदी हिस्सा है. वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट ट्रांजैक्शन का कुल मूल्य (Merchant Total Payment Value) सालाना आधार पर लगभग 15 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच चुका है.
कंपनी के बारे में
PhonePe की शुरुआत 2016 में डिजिटल पेमेंट ऐप के रूप में हुई थी, लेकिन आज कंपनी एक बड़े डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफार्म में बदल चुकी है. 30 सितंबर 2025 तक PhonePe के 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और इसका मर्चेंट नेटवर्क 4.7 करोड़ से ज्यादा कारोबारियों तक फैल चुका है. कंपनी अब पेमेंट्स के अलावा कई नए क्षेत्रों में भी एक्टिव है. इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कंज्यूमर पेमेंट्स, मर्चेंट पेमेंट्स, लेंडिंग, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज शामिल हैं. इसके अलावा PhonePe ने Share.Market नाम से स्टॉक ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड प्लेटफार्म शुरू किया है, जबकि Indus Appstore के जरिए एंड्रॉयड आधारित ऐप मार्केटप्लेस में भी कदम रखा है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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