Mazagon Dock के शेयर में फिर तेजी, एक सप्ताह में 10 फीसदी उछाल; क्या 3000 रुपये तक पहुंचेगा स्टॉक?
डिफेंस PSU कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders एक बार फिर निवेशकों के फोकस में है. साल 2020 में लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर ने मजबूत रिटर्न दिया है और यह डिफेंस सेक्टर के प्रमुख वेल्थ क्रिएटर्स में शामिल हो चुका है. फिलहाल कंपनी के पास 237 अरब रुपये से ज्यादा की मजबूत ऑर्डर बुक है और कर्ज लगभग नहीं के बराबर है. हाल के दिनों में शेयर में फिर तेजी देखने को मिली है और एक सप्ताह में करीब 10 फीसदी उछाल दर्ज किया गया है.
Mazagon Dock Share: भारत की नौसैनिक ताकत को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाली डिफेंस PSU कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा में है. साल 2020 में लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर ने जबरदस्त रिटर्न दिया और यह डिफेंस सेक्टर के सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर्स में शामिल हो गया. हालांकि पिछले एक साल में शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर से करीब 34 फीसदी तक गिर चुका है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या Mazagon Dock का शेयर फिर से तेजी पकड़कर 3000 रुपये के स्तर की ओर बढ़ सकता है.
भारत की नौसेना के लिए अहम कंपनी
Mazagon Dock Shipbuilders भारतीय नौसेना के लिए एडवांस्ड वॉरशिप और सबमरीन बनाने का काम करती है. कंपनी के पास डेस्ट्रॉयर और पारंपरिक सबमरीन निर्माण में लगभग मोनोपोली जैसी स्थिति है. मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्निकल क्षमताओं के कारण यह भारत की सबसे रणनीतिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में गिनी जाती है. कंपनी ने समय-समय पर डेस्ट्रॉयर, स्टेल्थ फ्रिगेट, कॉर्वेट और सबमरीन जैसे कई अहम जहाज तैयार किए हैं.
डिफेंस के अलावा एनर्जी सेक्टर में भी काम
डिफेंस ऑर्डर के अलावा कंपनी एनर्जी सेक्टर के लिए भी काम करती है. यह ONGC के लिए ऑफशोर प्लेटफॉर्म और रिग्स का निर्माण करती है. कभी-कभी कंपनी कमर्शियल वेसल्स भी बनाती है, जिससे इसके बिजनेस में विविधता बनी रहती है.
मजबूत ऑर्डर बुक और विस्तार की योजना
Mazagon Dock के पास फिलहाल 237 अरब रुपये से ज्यादा की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें ज्यादातर ऑर्डर डिफेंस मंत्रालय और ONGC से जुड़े हैं. कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 50 अरब रुपये का ग्रीनफील्ड शिपयार्ड भी विकसित कर रही है. इसके अलावा उसने विदेशी बाजार में विस्तार के लिए Colombo Dockyard PLC का अधिग्रहण किया है. कंपनी का 5 साल का औसत ROE करीब 22 फीसदी और ROCE लगभग 29 फीसदी रहा है, जो मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखा रहा है.
कर्ज लगभग नहीं के बराबर
Mazagon Dock की सबसे बड़ी ताकत इसका लगभग कर्ज मुक्त होना है. कंपनी को प्रोजेक्ट्स पर एडवांस और स्टेज-वाइज भुगतान मिलता है, जिससे वर्किंग कैपिटल की जरूरत भी सीमित रहती है. फिलहाल Mazagon Dock का शेयर लगभग 39 के PE मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके 5 साल के औसत PE 28 से ज्यादा है. ऐसे में अगर ऑर्डर फ्लो या प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन में कोई कमी आती है तो शेयर पर दबाव बन सकता है. साथ ही प्राइवेट डिफेंस कंपनियों के बढ़ते दखल से भविष्य में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ सकती है.
क्या 3000 रुपये तक पहुंच सकता है शेयर?
डिफेंस सेक्टर में सरकार की आत्मनिर्भरता नीति, बढ़ते रक्षा बजट और मजबूत ऑर्डर बुक Mazagon Dock के लिए लंबी अवधि में सकारात्मक संकेत देते हैं. हालांकि मौजूदा वैल्यूएशन और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को सावधानी के साथ रिसर्च कर निवेश का फैसला लेना चाहिए.
पिछले कुछ समय से इसमें जिस तरह की तेजी देखने को मिल रही है, उससे 3000 रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 5.08 फीसदी बढ़कर 2471.90 रुपये पर पहुंच गया. पिछले एक सप्ताह में इसमें 10.23 फीसदी की तेजी आई है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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