New Labour Code में बदल गई परिवार की परिभाषा, अब कर्मचारी के सास-ससुर से लेकर नाना-नानी भी होंगे सरकारी योजना में शामिल
Code on Social Security 2020 ने कर्मचारियों के परिवार की परिभाषा को बहुत बड़ा बना दिया है. अब सास-ससुर, नाना-नानी और आश्रित छोटे भाई-बहन भी ESIC, PF, ग्रेच्युटी जैसी सरकारी योजनाओं में शामिल हो सकेंगे. यह बदलाव खासकर कामकाजी महिलाओं और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है.
New Labour Code: कामकाजी लोगों के लिए New Labour Code एक बड़े असर वाला बदलाव लेकर आया है। पहले सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (Social Security Schemes) में परिवार की परिभाषा बेहद सीमित थी. यानी कर्मचारी के पास सीमित विकल्प थे कि वे किसे इस योजना के तहत शामिल करें. पहले बस पति-पत्नी, बच्चे, माता-पिता और अविवाहित बेटियां ही इन योजनाओं के अंदर कवर होती थीं। Code on Social Security (CSS) 2020 इस पुराने नियम में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है. अब कर्मचारी अपने नाना-नानी से लेकर छोटे भाई-बहन और यहां तक कि सास-ससुर को भी इन योजनाओं में शामिल कर सकेंगे.
कौन-कौन फायदा उठा सकता है और क्या-क्या मिलेगा?
यह नया नियम ESIC (Employees’ State Insurance Corporation), EPF (Employees’ Provident Fund), ग्रेच्युटी और दुर्घटना मुआवजे जैसी सभी बड़ी सरकारी योजनाओं पर लागू होता है. चाहे कर्मचारी स्थायी हो या फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर सभी को यह लाभ मिलेगा. हालांकि कंपनी की अपनी ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिक्लेम या वेलनेस प्रोग्राम में यह अपने आप लागू नहीं होगा.
पहले क्या था, अब क्या बदला?
पहले सिर्फ पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता और अविवाहित बेटियां ही परिवार में गिने जाते थे. अदालतें भी इसके बाहर किसी को नामांकन देने पर रोक लगा देती थीं. अब नए कानून में सभी कर्मचारियों के लिए नाना-नानी और पूरी तरह आश्रित छोटा भाई या अविवाहित बहन को शामिल किया गया है. खास तौर पर महिला कर्मचारियों के लिए सास-ससुर को भी परिवार में जोड़ा गया है.
महिलाओं के लिए खास राहत
पहले कामकाजी महिला अपने सास-ससुर को इन योजनाओं में नहीं जोड़ पाती थी. अब वह चाहे तो अपने सास-ससुर को भी कवर कर सकती है. यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज शहरी इलाकों में 41 फीसदी से ज्यादा महिलाएं कमाने वाली हैं और अक्सर सास-ससुर की देखभाल भी उन्हीं के जिम्मे होती है, तो ऐसे में सास-ससुर को सरकारी योजनाओं में शामिल करना उनके लिए राहत की खबर हो सकती है.
नए नियम के अनुसार, पूरी तरह कर्मचारी पर निर्भर व्यक्ति को भी इसमें शामिल किया गया है. यानी किसी संबंधी को आर्थिक रूप से कर्मचारी पर निर्भर होना जरूरी है. हालांकि इसके लिए उन्हें इसके सबूत देने पड़ेंगे.
तलाक होने पर क्या होगा?
तलाक हो जाने पर सास-ससुर का रिश्ता कानूनी रूप से खत्म हो जाता है. इसलिए तलाक के बाद उनके लिए दावा करना मुश्किल होगा. नए कानून के अनुसार सलाह दी गई है कि कर्मचारी की वैवाहिक स्थिति बदलने पर आश्रितों की लिस्ट तुरंत अपडेट करवाएं ताकि बाद में विवाद न हो.