करना चाहते हैं 10 और 20 लाख की FD, इस पोस्ट ऑफिस स्कीम में मिलेगा बड़ा रिटर्न; जानें कितनी होगी मंथली इनकम
रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित और नियमित आय के लिए SCSS एक बेहतरीन सरकारी योजना है. सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम में 10 लाख रुपये से 30 लाख रुपये तक निवेश कर हर महीने स्थिर इनकम पाई जा सकती है. इस योजना में 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है और यह पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है.

Senior Citizen Savings Scheme: रिटायरमेंट के बाद नियमित और सुरक्षित इनकम हर व्यक्ति की सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है. बढ़ती उम्र के साथ मेडिकल खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें भी बढ़ती हैं, ऐसे में एक भरोसेमंद इनकम सोर्स बेहद जरूरी होता है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरा है. यह योजना सरकार द्वारा समर्थित है और इसमें तय ब्याज दर के साथ नियमित आय मिलती है. खास बात यह है कि इसमें 10 लाख रुपये से 30 लाख रुपये तक निवेश कर हर महीने स्थिर आय बनाई जा सकती है.
क्या है SCSS और क्यों है खास
SCSS एक गवर्नमेंट-बैक्ड स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, जो खासतौर पर 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है. कुछ मामलों में 55 साल के रिटायर्ड लोग भी इसमें निवेश कर सकते हैं. इस योजना में अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए ब्याज दर 8.2 फीसदी सालाना तय की गई है. यह ब्याज पूरी अवधि के दौरान स्थिर रहता है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता. इस योजना की अवधि 5 साल होती है, जिसे आगे 3 साल तक बढ़ाया जा सकता है. अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये है और न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये से शुरू होता है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) |
| लाभार्थी | 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति (विशेष मामलों में 55 वर्ष के रिटायर्ड लोग) |
| ब्याज दर (अप्रैल-जून 2026 तिमाही) | 8.2 फीसदी वार्षिक (स्थिर, पूरी अवधि में बाजार के उतार-चढ़ाव से अप्रभावित) |
| योजना अवधि | 5 वर्ष (3 वर्ष तक बढ़ाने का विकल्प) |
| अधिकतम निवेश सीमा | 30 लाख रुपये |
| न्यूनतम निवेश सीमा | 1,000 रुपये |
10, 20 और 30 लाख रुपये पर कितनी होगी कमाई
अगर कोई निवेशक SCSS में 10 लाख रुपये निवेश करता है, तो 8.2 फीसदी ब्याज के हिसाब से सालाना 82,000 रुपये की आय होती है. चूंकि भुगतान तिमाही आधार पर होता है, इसलिए हर तीन महीने में 20,500 रुपये मिलते हैं, यानी हर महीने करीब 6,834 रुपये की आय बनती है.
| निवेश राशि (₹) | वार्षिक ब्याज दर | सालाना आय (₹) | तिमाही आय (हर 3 महीने पर) (₹) | मासिक आय (लगभग) (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 10,00,000 | 8.2 फीसदी | 82,000 | 20,500 | 6,834 |
| 20,00,000 | 8.2 फीसदी | 1,64,000 | 41,000 | 13,667 |
| 30,00,000 | 8.2 फीसदी | 2,46,000 | 61,500 | 20,500 |
इसी तरह 20 लाख रुपये निवेश पर सालाना 1,64,000 रुपये की आय होती है. तिमाही आधार पर 41,000 रुपये और मासिक आधार पर करीब 13,667 रुपये मिलते हैं. अगर कोई निवेशक 30 लाख रुपये निवेश करता है, तो सालाना 2,46,000 रुपये की आय होती है. तिमाही 61,500 रुपये और मासिक करीब 20,500 रुपये की नियमित आय बनती है.
क्यों है यह योजना सुरक्षित
SCSS पूरी तरह से सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसमें जोखिम बेहद कम माना जाता है. साथ ही ब्याज दर पहले से तय होती है, जिससे आय में स्थिरता बनी रहती है. इसके अलावा आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट भी मिलती है.
अन्य योजनाओं से कैसे अलग
अगर अन्य स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स से तुलना करें, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड में करीब 7.1 फीसदी, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में 7.7 फीसदी और पोस्ट ऑफिस एमआईएस में करीब 7.4 फीसदी ब्याज मिलता है. ऐसे में SCSS अपनी ऊंची ब्याज दर और नियमित आय के कारण ज्यादा आकर्षक विकल्प माना जाता है.
| योजना का नाम | अनुमानित ब्याज दर |
|---|---|
| सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) | 8.2 फीसदी |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1 फीसदी |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7 फीसदी |
| पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) | 7.4 फीसदी |
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