सोने की तेजी का फायदा, ₹1 लाख बना ₹3.78 लाख, SGB निवेशकों को मिला जबरदस्त रिटर्न
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2019-20 Series-X के लिए समय से पहले रिडेम्प्शन प्राइस 15,920 रुपये प्रति ग्राम तय किया है, जो 11 मार्च 2026 से लागू होगा. जब यह बॉन्ड जारी हुआ था तब इसकी कीमत करीब 4,210 रुपये प्रति ग्राम थी. ऐसे में निवेशकों को 6 साल में करीब 278 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न मिला है.
SGB Redemption Price: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2019-20 Series-X के लिए समय से पहले रिडेम्प्शन प्राइस 15,920 रुपये प्रति ग्राम तय किया है. यह कीमत 11 मार्च 2026 से लागू होगी. जब यह बॉन्ड जारी हुआ था, तब इसकी कीमत ऑनलाइन खरीदारों के लिए 4,210 रुपये प्रति ग्राम और ऑफलाइन खरीदारों के लिए 4,260 रुपये प्रति ग्राम थी. ऐसे में ऑनलाइन निवेश करने वाले निवेशकों को अब प्रति ग्राम लगभग 11,710 रुपये का सीधा मुनाफा मिल रहा है.
6 साल में करीब 278 फीसदी रिटर्न
SGB 2019-20 Series-X में निवेश करने वाले निवेशकों को करीब 278 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. इसमें 2.5 प्रतिशत सालाना ब्याज को शामिल नहीं किया गया है. अगर किसी निवेशक ने उस समय 1 लाख रुपये निवेश किए थे, तो अब रिडेम्प्शन पर उसे लगभग 3.78 लाख रुपये मिल सकते हैं. इसमें बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है. ब्याज जोड़ने पर कुल रिटर्न और भी ज्यादा हो जाता है.
RBI के फॉर्मूले से तय होती है कीमत
SGB के रिडेम्प्शन की कीमत सोने के हालिया बाजार भाव के आधार पर तय की जाती है. RBI इसके लिए पिछले 3 कारोबारी दिनों के औसत क्लोजिंग प्राइस को आधार बनाता है. यह कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी सोने की कीमत के आधार पर तय की जाती है. 5 साल बाद मिलती है समय से पहले निकलने की सुविधा
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि 8 साल होती है, लेकिन निवेशकों को 5 साल बाद समय से पहले रिडेम्प्शन की सुविधा मिलती है. इससे निवेशकों को जरूरत पड़ने पर निवेश से बाहर निकलने का विकल्प मिल जाता है.
SGB निवेश क्यों बना आकर्षक
पिछले कुछ वर्षों में जियोपॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है. इसी वजह से SGB में निवेश करने वाले निवेशकों को मजबूत रिटर्न मिला है. SGB निवेशकों को सोने की कीमत बढ़ने का फायदा तो मिलता ही है, साथ ही 2.5 प्रतिशत सालाना ब्याज भी मिलता है. इसके अलावा इसमें फिजिकल गोल्ड रखने की चिंता और शुद्धता से जुड़ी समस्या भी नहीं रहती.
1 अप्रैल से लागू होंगे नए टैक्स नियम
SGB को लेकर टैक्स नियमों में भी बदलाव किया गया है. वित्त विधेयक 2026 के अनुसार अब टैक्स छूट केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने बॉन्ड मूल इश्यू के समय खरीदा हो और उसे मैच्योरिटी तक होल्ड किया हो. अगर किसी निवेशक ने SGB सेकेंडरी मार्केट से खरीदा है या उसे समय से पहले रिडीम किया है, तो उस पर टैक्स लागू होगा. यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और टैक्स वर्ष 2026-27 से लागू माना जाएगा.
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