बिना EMI के मिल रहा लोन! जानें ओवरड्राफ्ट-पर्सनल लोन में क्या है फर्क, आपके लिए कौन-सा ऑप्शन है बेस्ट
अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर लोग अक्सर पर्सनल लोन या ओवरड्राफ्ट जैसी बैंकिंग सुविधाओं का सहारा लेते हैं. दोनों विकल्प आर्थिक मदद तो देते हैं, लेकिन उनकी शर्तें, ब्याज और भुगतान का तरीका अलग होता है. ऐसे में सही विकल्प चुनने के लिए यह समझना जरूरी है कि आपकी जरूरत और वित्तीय स्थिति के लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद साबित होगा.

Overdraft vs Personal Loan : आज के दौर में बढ़ती महंगाई और अचानक आने वाले खर्चों के कारण लोगों को अक्सर अतिरिक्त पैसों की जरूरत पड़ जाती है. ऐसे समय में बैंक की अलग-अलग क्रेडिट फैसिलिटी राहत का काम करती हैं. ओवरड्राफ्ट और पर्सनल लोन भी ऐसे ही दो ऑप्शन हैं, जिनका इस्तेमाल लोग अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए करते हैं. हालांकि, दोनों की सुविधा, ब्याज दर, भुगतान की प्रक्रिया और उपयोग अलग-अलग होते हैं. इसलिए किसी भी विकल्प को चुनने से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि आपकी जरूरत और भुगतान क्षमता के हिसाब से कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद रहेगा.
क्या होता है ओवरड्राफ्ट?
ओवरड्राफ्ट एक ऐसी बैंकिंग फैसिलिटी है, जिसमें ग्राहक अपने खाते में बैलेंस कम होने पर भी तय सीमा तक पैसे निकाल सकता है. यह सुविधा खासतौर पर व्यापारियों और बिजनेस करने वालों के लिए उपयोगी मानी जाती है. इसमें लोन की रकम चुकाने के लिए EMI के तहत पेमेंट नहीं किया जाता है, बल्कि आप तय समय के भीतर एक बार में लोन चुका सकते हैं.
पर्सनल लोन कैसे काम करता है?
पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, जिसमें बैंक ग्राहक को एक तय रकम देता है. इस रकम को ग्राहक को निश्चित समय के भीतर EMI के जरिए लौटाना होता है. इसके लिए किसी गारंटी या संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती.
ब्याज और भुगतान में बड़ा अंतर
ओवरड्राफ्ट में ब्याज केवल उतनी रकम पर लगता है, जितनी रकम ग्राहक इस्तेमाल करता है. वहीं पर्सनल लोन में पूरी रकम पर ब्याज देना पड़ता है. पर्सनल लोन की EMI तय होती है, जबकि ओवरड्राफ्ट में भुगतान करने की अधिक स्वतंत्रता मिलती है.
किसमें जल्दी मिलती है रकम?
ओवरड्राफ्ट लोन की सुविधा पहले से स्वीकार होने पर ग्राहक तुरंत पैसे निकाल सकता है. दूसरी ओर, पर्सनल लोन को मंजूरी मिलने और रकम खाते में आने में आमतौर पर 2 से 3 दिन लगते हैं.
किस जरूरत के लिए कौन-सा विकल्प सही?
अगर पैसों की जरूरत छोटी अवधि और कम रकम के लिए है, तो ओवरड्राफ्ट बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं शादी, पढ़ाई, ट्रैवल या मेडिकल खर्च जैसे बड़े और प्लान खर्चों के लिए पर्सनल लोन अधिक उपयुक्त माना जाता है.
सोच-समझकर करें फैसला
जिन लोगों को नियमित रूप से भुगतान करना पसंद है, उनके लिए पर्सनल लोन अच्छा विकल्प है. वहीं जिनकी वित्तीय जरूरतें बार-बार बदलती रहती हैं, उनके लिए ओवरड्राफ्ट अधिक सुविधाजनक साबित हो सकता है. इसलिए किसी भी विकल्प को चुनने से पहले अपनी आय, जरूरत और भुगतान क्षमता का सही आकलन करना जरूरी है.
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