अब इन हाईवे पर नहीं देना होगा टोल, नितिन गडकरी ने बनाया मास्टर प्लान, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
अब यात्रियों को टोल शुल्क से छुटकारा मिलने वाला है. सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए दो बड़े प्लान तैयार किए हैं. इसके तहत छोटे हाईवे पर चलने के लिए कोई टोल शुल्क न लिए जाने का प्लान है, साथ ही अनलिमिटेड ट्रैवल पास भी अमल में लाए जाने की योजना है, तो कैसे ये प्लान करेंगे काम, जानें पूरी डिटेल.
Tolls on Highways: एक शहर से दूसरे शहर जानें के लिए नेशनल हाईवे का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अच्छा खासा टोल शुल्क चुकाना पड़ता है, लेकिन जल्द ही उन्हें टोल के इस झंझट से छुटकारा मिलने वाला है. दरअसल सड़क परिवहन मंत्रालय ने लाखों यात्रियों को बड़ी राहत देने के लिए अहम कदम उठाया है. इसके लिए सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मास्टर प्लान भी तैयार किया है. अब यात्रियों को चार लेन से कम वाले राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर चलने के लिए कोई टोल शुल्क नहीं चुकाना होगा.
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक सड़क परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यात्रियों को टोल से राहत दिलाने के लिए दो प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजे गए हैं. इनमें से छोटे हाईवे को टोल मुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गई है और वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को इसे आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है. चूंकि सरकार के इस कदम से राजस्व का थोड़ा नुकसान होगा, लेकिन चार लेन से कम वाले राजमार्गों पर टोल बंद करने से कोई बड़ा वित्तीय असर नहीं होगा, क्योंकि इन सड़कों पर वसूला जाने वाला टोल चार लेन या उससे अधिक वाली सड़कों की तुलना में 60% कम है.
अनलिमिटेड ट्रैवल पास की भी योजना
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यात्रियों को राहत देने के मकसद से पहले निजी वाहनों के लिए सालाना और लाइफटाइम पास की बात कही थी. हालांकि मंत्रालय अब अनलिमिटेड ट्रैवल पास की योजना बना रहा है, क्योंकि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की ज्यादा संभावना है. गडकरी के मास्टर प्लान के तहत कार मालिक 3000 रुपये में सालाना अनलिमिटेड ट्रैवल पास के जरिए किफायती तरीके से यात्रा कर सकेंगे. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी का कहना है कि सालाना पास से टोल राजस्व में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन यह यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी.
200 टोल प्लाजा पर टोल खत्म होने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, देश में करीब 200 टोल प्लाजा ऐसे राजमार्गों पर हैं, जो ढाई लेन या दो लेन के हैं, जिनमें किनारे पक्के (पेव्ड शोल्डर) हैं. इनमें से ज्यादातर सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित सड़कें हैं, जहां टोल सरकार की एजेंसियां वसूलती हैं. इन टोल प्लाजा पर होने वाली कमाई अक्सर रखरखाव और वसूली के खर्च से कम होती है. इसलिए, इन सड़कों पर टोल खत्म करना सरकार के लिए नुकसान का सौदा नहीं है.
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चार लेन और एक्सप्रेसवे पर चुनौती
अधिकारियों के मुताबिक चार लेन और उससे अधिक वाले राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली में निजी कंपनियां भी शामिल हैं ऐसे में यहां सालाना पास लागू होने पर इन कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार को करनी पड़ सकती है. बता दें 2024-25 में कुल 61,000 करोड़ रुपये के टोल राजस्व में निजी कारों का योगदान 20-21% है, जबकि 79-80% राजस्व कमर्शियल और भारी वाहनों से आता है.
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