इस कंपनी की बैटरी स्टोरेज बिजनेस में एंट्री, आशीष कचोलिया ने भी लगाया पैसा, 6 महीने से भाग रहे शेयर

Advait Energy ने कहा कि नई इकाई कैप्टिव, ग्रिड-कनेक्टेड और ऑफ-ग्रिड एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेगी. कंपनी का लक्ष्य बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के पूरे लाइफसाइकिल में एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस देना है, जिसमें प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन से लेकर ऑपरेशनल सपोर्ट तक शामिल रहेगा.

आशीष कचोलिया Image Credit: Canva/Money9live

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुए. निफ्टी 50 इंडेक्स 0.03 फीसदी गिरकर 23,907.15 पर बंद हुआ. इस दौरान रिन्यूएबल एनर्जी और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियां बैटरी स्टोरेज और क्लीन एनर्जी विस्तार की खबरों के चलते फोकस में रहीं. इसी बीच Advait Energy Transitions के शेयरों में हलचल देखने को मिली और शेयर 2,062.70 रुपये पर बंद हुए. कंपनी ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट्स के लिए नई सब्सिडियरी बनाने की घोषणा की है. पिछले 6 महीने में कंपनी के शेयर 40 फीसदी बढ़ चुके हैं.

BESS बिजनेस के लिए नई सब्सिडियरी

Advait Energy Transitions Limited ने बताया कि उसने “Advait BESS Bhesaan Private Limited” नाम से नई सब्सिडियरी बनाई है. यह कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी BESS सेक्टर में काम करेगी. कंपनी नई इकाई में 51 फीसदी हिस्सेदारी रखेगी. इसके लिए शुरुआती शेयर कैपिटल में कैश के जरिए निवेश किया जाएगा. नई सब्सिडियरी का गठन 25 मई 2026 को किया गया.

EPC और टर्नकी प्रोजेक्ट्स पर रहेगा फोकस

कंपनी के मुताबिक, नई सब्सिडियरी BESS प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) तथा टर्नकी प्रोजेक्ट्स पर काम करेगी. इसका काम बैटरी स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर का डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग, इंटीग्रेशन, टेस्टिंग, कमीशनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस तक फैला रहेगा. इसके अलावा कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स से जुड़े कंसल्टेंसी, टेक्निकल और मैनेजमेंट सपोर्ट सर्विसेज भी देगी.

ग्रिड और ऑफ-ग्रिड दोनों सेगमेंट में काम

Advait Energy ने कहा कि नई इकाई कैप्टिव, ग्रिड-कनेक्टेड और ऑफ-ग्रिड एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर फोकस करेगी. कंपनी का लक्ष्य बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के पूरे लाइफसाइकिल में एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस देना है, जिसमें प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन से लेकर ऑपरेशनल सपोर्ट तक शामिल रहेगा. 51 फीसदी हिस्सेदारी के साथ Advait Energy Transitions नई सब्सिडियरी के रणनीतिक और ऑपरेशनल फैसलों पर कंट्रोल रखेगी.

कंपनी के बारे में

Advait Energy Transitions Ltd पावर ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है. कंपनी पावर यूटिलिटी, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स और सर्विसेज उपलब्ध कराती है.

लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, दिग्गज निवेशक Ashish Kacholia की कंपनी में 2.30 फीसदी हिस्सेदारी है. कंपनी लगातार रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी ट्रांजिशन टेक्नोलॉजी और एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर फोकस कर रही है.

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