डिफेंस से आगे बढ़ा एयरोस्पेस सेक्टर, 5 लाख करोड़ रुपये के बाजार पर कंपनियों की नजर; इन 3 शेयरों को रखें रडार पर

भारत का एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और 2033 तक इसका बाजार करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. मेक इन इंडिया, बढ़ती कमर्शियल एविएशन मांग और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की मजबूत भूमिका से सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिल रहा है.

Aerospace Stocks Image Credit: AI Generated

Highlights

  • 2033 तक 5 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है भारत का एयरोस्पेस बाजार.
  • डाटा पैटर्न्स और यूनीमेक एयरोस्पेस पर निवेशकों की बढ़ी नजर.
  • मजबूत ऑर्डर बुक और एक्सपोर्ट से इन कंपनियों को मिल रहा बूस्ट.

Aerospace Stocks: भारत का एयरोस्पेस और डिफेंस उद्योग तेजी से विस्तार के दौर में है. सरकार की मेक इन इंडिया नीति, डिफेंस क्षेत्र में स्वदेशीकरण पर बढ़ता जोर, कमर्शियल एविएशन की बढ़ती मांग और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की मजबूत होती भूमिका इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही है. उद्योग के अनुमान के मुताबिक, भारत का एयरोस्पेस और डिफेंस बाजार 2033 तक करीब 54 अरब अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है. ऐसे में कई भारतीय कंपनियां हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और एडवांस्ड इंजीनियरिंग के जरिए इस बड़े अवसर का फायदा उठाने की तैयारी कर रही हैं.

Aequs

Aequs एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जिसका कारोबार एयरोस्पेस, कंज्यूमर और डिफेंस सेक्टर में फैला हुआ है. कंपनी के ग्राहकों में एयरबस, बोइंग, सफरान, कॉलिन्स एयरोस्पेस और साब जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं. एयरोस्पेस कारोबार कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है और कुल राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 81 फीसदी है. कंपनी के कुल राजस्व का लगभग 88 फीसदी हिस्सा एक्सपोर्ट से आता है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 55 फीसदी बढ़कर 395.5 करोड़ रुपये पहुंच गया.

हालांकि, डायरेक्ट कॉस्ट बढ़ने और अकाउंटिंग ट्रीटमेंट में बदलाव के कारण कंपनी को 53.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. इसके बावजूद एयरोस्पेस कारोबार का EBITDA मार्जिन 22.7 फीसदी रहा. कंपनी के पास करीब 9,500 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है, जो आने वाले वर्षों के लिए मजबूत रेवेन्यू का संकेत देता है. इसके अलावा कंपनी तमिलनाडु के होसुर में एयरो इंजन और लैंडिंग गियर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है. बुधवार को कंपनी का शेयर 3.97 फीसदी बढ़कर 240 रुपये पर पहुंच गया.

Data Patterns

Data Patterns डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली प्रमुख भारतीय कंपनी है. कंपनी कॉकपिट डिस्प्ले, रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और एवियोनिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है. अब कंपनी केवल सबसिस्टम सप्लाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि कम्प्लीट एयरोस्पेस सॉल्यूशंस विकसित करने पर ध्यान दे रही है. पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 16.8 फीसदी बढ़कर 116 करोड़ रुपये रहा.

हालांकि, बढ़ते एम्प्लॉयी कॉस्ट और अन्य खर्चों के कारण शुद्ध मुनाफा घटकर 22.1 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी के पास 2,654 करोड़ रुपये तक का संभावित ऑर्डर बुक है, जिससे अगले कुछ वर्षों में मजबूत राजस्व वृद्धि की उम्मीद है. कंपनी एसयू-30 फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए नए सिस्टम भी विकसित कर रही है, जिनका परीक्षण 2026 के अंत तक शुरू होने की संभावना है. बुधवार को कंपनी का शेयर 2.37 फीसदी गिरकर 4,447 रुपये पर पहुंच गया.

Unimech Aerospace

यूनीमेक एयरोस्पेस वैश्विक OEM और टियर-1 सप्लायर्स के लिए प्रिसीजन कंपोनेंट्स, टूलिंग और इंजीनियरिंग सिस्टम्स तैयार करती है. कंपनी का लगभग 96 फीसदी कारोबार एक्सपोर्ट पर आधारित है और यह आठ देशों में 41 ग्राहकों को सेवाएं देती है. कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में तेज राजस्व वृद्धि दर्ज की है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का राजस्व 71 फीसदी बढ़कर 107.6 करोड़ रुपये हो गया, जबकि शुद्ध मुनाफा 46 फीसदी बढ़कर 27.9 करोड़ रुपये पहुंच गया.

कंपनी ने हाल ही में होबेल बेलोज का अधिग्रहण किया है और कमर्शियल एविएशन के लिए लॉन्ग-टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया है. इससे भविष्य में नियमित राजस्व मिलने की संभावना बढ़ गई है. कंपनी का 280.3 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक भी उसके मजबूत भविष्य की ओर इशारा करता है. बुधवार को कंपनी का शेयर 0.79 फीसदी बढ़कर 1,345 रुपये पर पहुंच गया.

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